इन परियोजनाओं का हुआ लोकार्पण
सेटेलाइट बस अड्डे का निर्माण 12 करोड़ 48 लाख 51 लाख रुपये में हुआ है। इसी तरह शहर के अंदर बस अड्डे के सुंदरीकरण पर 18 करोड़ 94 लाख 83 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। 10 करोड़ 59 लाख 53 हजार में कार्यशाला का निर्माण कराया गया। इस तरह डिटेंशन व डंपिंग यार्ड के निर्माण का कार्य दो करोड़ 39 लाख 44 हजार में हुआ है। सेटेलाइट बस अड्डे के बनने से हाईवे से गुजरने वाली बसों को ठहराव मिल जाएगा।
मंत्री बोले- विकास कार्यों के लिए बड़ा दिल दिखाएं शहर वाले
वैध पट्टेधारकों की जमीन को छोड़कर ही बस अड्डे की चहारदीवारी बनाई जाएगी। नाजायज तरीके से सरकारी भूमि पर कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंत्री ने शहर की प्रमुख सड़कों पर अतिक्रमण पर चिंता जताई। कहा कि नगर में कई सड़कें बन रही हैं। हमारा मकसद किसी को नुकसान पहुंचाना नहीं है। कुछ लोगों ने अपनी दुकानों को आगे बढ़ा रखा है। वह अपना दिल बड़ा कर शहर के विकास में सहयोग करें।
उन्होंने बताया कि हॉकी मैदान को जबरन बरातघर बना रखा था। उस जमीन पर मिनी स्टेडियम बनाया जा रहा है। कहा कि हाईकोर्ट में केस नहीं चलता होता तो नगर निगम का कार्यालय वहीं पर बनता। उत्तर प्रदेश का पहला नगर निगम कार्यालय 44 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हो रहा है। यहीं पर 1500 लोगों की क्षमता से ऑडिटोरियम बन रहा है।
ई-बसों की चार्जिंग के लिए साढ़े पांच करोड़ स्वीकृत
शहर के अलावा गैर जनपदों के लिए भी जल्द ही ई-बसें संचालित हो जाएंगी। परिवहन निगम के बेड़े से ई-बसों की चार्जिंग के लिए साढ़े पांच करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके तहत लखनऊ-दिल्ली, बरेली आदि में ई-बसें चलाई जाएंगी। परिवहन मंत्री ने बताया कि बड़ी गाड़ी एक बार चार्ज होने के बाद तीन सौ किलोमीटर तक चल सकती है।
मंत्री ने कमियां मिलने पर नाराजगी जताई
सेटेलाइट बस अड्डे के लोकार्पण से पहले पहुंचे वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया। वहां कमियां मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई। मंत्री को कार्यक्रम स्थल पर पर्याप्त कुर्सियां नहीं मिलीं। पंखे और कूलर भी कम लगे थे। उन्होंने नाराजगी जताई तब व्यवस्था दुरुस्त मिली। इसके अलावा वॉटर कूलर धूप में रखने पर जूनियर इंजीनियर से नाराजगी जताई।