शाहजहांपुर। खाद्य पदार्थों के नमूने के अब जांच से पहले खराब होने की आशंका नहीं रहेगी। बरेली में विभागीय लैब बनाई जा रही है जिसके एक माह में शुरू होने की संभावना है। इसके बाद तय समय पर खाद्य पदार्थों की जांच और रिपोर्ट मिल जाएगी।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए लखनऊ लैब भेजती है। लखनऊ में कई जिलों से नमूने जांच के लिए आते हैं। ऐसे में नंबर आने में कई दिन लग जाते हैं। बीते दिनों खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने महानगर में जब छापा मारी की तो व्यापारियों ने इस तरह के सवाल उठाए थे। कहा कि खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम जब नमूना लेती है, तब खाद्यान्न की गुणवत्ता ठीक होती है। लैब तक पहुंचते-पहुंचते पांच से दस दिन बीत जाते हैं। इतने लंबे समय में खाद्य पदार्थ सीलबंद पैकेट में खराब हो जाते हैं। इसी कारण जांच में नमूने फेल हो जाते हैं। ऐसे में व्यापारियों को भारी परेशानी और कई बार जुर्माना तक भुगतना पड़ता है। व्यापारियों ने कहा था कि यह व्यवस्था पूरी तरह से भरोसा करने लायक नहीं है। व्यापारियों का तर्क है कि अगर बेसन के नमूने की जांच 10 या 15 दिन बाद कि जाएगी तो उसमें घुन लग जाएगा। बारिश के दिनों में सूंड़ी भी पड़ सकती हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से बरेली के नंदौसी में मंडलीय खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला व मंडलीय कार्यालय का निर्माण अंतिम चरण में चल रहा है। जल्द इसका संचालन शुरू हो जाएगा। इसके बाद यहां खाद्य पदार्थों की जांच हो सकेगी और वह भी एक या दो दिन के समय में।