रोजा। पट्टी बहादुरपुर गांव में संत गाडगे सेवा आश्रम पर शनिवार को संत गाडगे की पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस मौके पर सभी ने उनकी मूर्ति पर माल्यार्पण कर और पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम का शुभारंभ आश्रम के संस्थापक विष्णु दयाल कनौजिया ने दीप जलाकर किया। उन्होंने सभी से संत गाडगे के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने की अपील करते हुए कहा कि उन्होंने उस समय शिक्षा, स्वच्छता और समाज में फैली कुरीतियों को लेकर जन जागरण अभियान चलाया, जब देश गुलामी की जंजीरों में जकड़ा था।
कोषाध्यक्ष कमलेश भारती ने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर संत गाडगे को अपना गुरु मानते थे। पुष्पांजलि कार्यक्रम में समिति के कार्यकारिणी सदस्य रामरतन कनौजिया, राजाराम कनौजिया, सूरज सहाय जाटव, कृपाल कनौजिया, मुन्नू कनौजिया, आश्रम के महंत बाबा कल्याण दास आदि मौजूद रहे।
पुवायां। संत गाडगे की पुण्यतिथि पर पुवायां के गीता सिटी में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। संयोजक सुबोध कनौजिया ने कहा कि स्वच्छता के जनक राष्ट्र संत गाडगे का शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा योगदान है। उन्होंने लोगों का अपने बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित किया।
प्रदीप वैरागी ने संत गाडगे के समाज के वंचित वर्ग को मुख्य धारा में लाने के प्रयासों के बारे में बताया। जिला पंचायत सदस्य ब्रजेश कुमार ने कहा कि सभी को समाज के वंचित वर्ग के बच्चों की पढ़ाई के लिए मदद करनी चाहिए।
अवनीश कुमार, बृजेश कुमार, मिथलेश आनंद, संजय राना, पंकज दिवाकर, वीरपाल, सुनील कुमार, सुबोध भारती, राहुल भारती, मनोज कुमार, अजय कनौजिया, राजीव गौतम, दिनेश कुमार आदि ने भी संत गाडगे के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनको याद किया।
पुवायां में संत गाडगे की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजली देते लोग। स्रोत: आयोजक