फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shahjahanpur News: रुविवि के गोद लिए स्कूलों की बदल रही काया, एक में बढ़ी छात्रों की संख्या

विज्ञापन
विज्ञापन
बीएड विभाग के छात्र दे रहे शिक्षण कार्यों में योगदान, शिक्षक उठा रहे पढ़ाई-लिखाई का सारा खर्च
विज्ञापन



बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने बीते 30 वर्षों में दो विद्यालयों का पुनरुद्धार करने का जिम्मा अपने हाथ लिया। जिसके फलस्वरूप विद्यालयों में सकारात्मक नतीजे देखने को मिले हैं। विवि के कई कर्मचारी और शिक्षक पढ़ाई-लिखाई का सारा खर्च की जिम्मेदारी उठाई है। एक विद्यालय में छात्रों की संख्या दोगुनी हो गई है।

दो विद्यालयों में से एक विद्यालय जोगी नवादा स्थित दीनानाथ इंटर कॉलेज है, जिसे रुविवि ने 1996 में गोद लिया। इस विद्यालय का निर्माण स्वतंत्रता सेनानी रहे दीनानाथ मिश्रा के नाम पर है, जहां जरूरतमंद छात्र-छात्राएं पढ़ने आते हैं। विद्यालय की प्रबंधक समिति में शामिल विवि प्रो. आलोक श्रीवास्तव ने बताया हमारे परिसर के बीएड विभाग के छात्र इस विद्यालय में जाकर छात्रों के शिक्षण कार्य में योगदान दे रहे हैं। पिछले पांच सालों में वीसी केपी सिंह ने इसे और गंभीरता से लिया। जिसके तहत विद्यालय में पुस्तकालय, कक्षाएं समेत अन्य विकास कार्य हुए। इन्हीं प्रयासों का नतीजा रहा कि विद्यालय में वर्तमान में छात्रों की संख्या दो गुनी हो चुकी है। पांच साल पहले 230 और अब 540 छात्र हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसी तरह रुविवि ने 2022 में डोहरा रोड स्थित दिशा स्कूल को गोद लिया गया। ये विद्यालय कक्षा 1 से 12 तक दिव्यांग छात्र-छात्राओ के पठन पाठन के लिए समर्पित है। विद्यालय की कायाकल्प में रुविवि के शिक्षकों से लेकर कर्मचारी छात्र भी अपनी भूमिका निभा रहे हैं। मीडिया प्रभारी व विधि विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. अमित सिंह ने बताया रुविवि और महिला एवं बाल कल्याण विभाग विद्यालय का आर्थिक सहयोग कर रहा है, लेकिन कैंपस के छात्र-छात्राएं विद्यालय में जाकर भी छात्रों को सांस्कृतिक प्रस्तुति की ट्रेनिंग देते हैं। वहीं विवि के लगभग 25 शिक्षक व कर्मचारियों ने छात्रों को गोद लिया है, जिसके तहत वह छात्रों की पढ़ाई-लिखाई का सारा खर्च उठा रहे हैं। मीडिया प्रभारी ने यह भी जानकारी दी रुविवि का मुख्य लक्ष्य विद्यालय को स्नातक तक उच्चिकृत कराने में सहयोग करना, साथ ही अन्य विद्यालय को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। इसलिए की प्रबंध समिति में भी 11 में से 9 सदस्य विवि के प्रोफेसर शामिल हैं। वहीं विद्यालय की संस्थापक व समाज सेवी पुष्पलता गुप्ता भी विद्यालय के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती आ रही हैं। संवाद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें