बैंकों के आधुनिकीकरण के इस युग में जिला सहकारी बैंक खुद को पीछे नहीं रखना चाहती हैं। यह बैंक अपने पांच लाख खाताधारकों को एटीएम कार्ड की तरह इस्तेमाल होने वाले ‘रूपे कार्ड’ देने जा रही है। इसके अलावा किसान क्रेडिट कार्ड भी यह बैंक देने जा रही है।
बैंक के जिला कार्यालय पर हुई पत्रकार वार्ता के दौरान यह जानकारी देते हुए बैंक बोर्ड के अध्यक्ष प्रदीप पांडेय ने बैंक की तमाम योजनाओं के बारे में बताया। पांडेय ने कहा कि किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड के अंतर्गत मिलने वाली लिमिट की धनराशि अब आसानी से निकाली जा सकेगी। रुपे कार्ड का इस्तेमाल केवल भारत के अंदर हो सकेगा, जबकि एटीएम विदेश में भी इस्तेमाल हो जाता है। रुपे कार्ड और केसीसी कार्ड के लिए 68.55 लाख रुपये की सहायता राशि नाबार्ड की ओर से स्वीकृति हो चुकी है। बैंक मार्च के अंत तक दोनों कार्ड जारी करना शुरू कर देगा।
बैंक बोर्ड के सचिव व मुख्य कार्यपालक अधिकारी प्रवीण कुमार ने कहा कि वित्त वर्ष 2015-16 की पहली तिमाही में किसानों के लिए कृषि यंत्र खरीदने के लिए और सेवा क्षेत्र के लोगों को होम लोन देने के लिए एक महीने विशेष अभियान चलाया जाएगा। साथ ही 10 बैंक शाखाओं को आधुनिकीकरण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। इस दौरान एआर कोआपरेटिव मनोज द्विवेदी और बैंक डीजीएम एके सिंह भी मौजूद रहे।
दो माह तक चलाई जाएगी विशेष स्कीम
लोगों को बैंक से जोड़ने के लिए 10 दिसंबर से 10 फरवरी तक विशेष डिपोजिट स्कीम चलाई जाएगी। इसमें लड़कियों, घरेलू महिलाओं, सहकारी संस्थाओं, समितियों आदि को नए सिरे से बैंक से जोड़ने का काम किया जाएगा। इसके साथ ही विभिन्न राहतकारी स्कीमों का संचालन करके लोगों को बैंक से जोड़ा जाएगा।