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आरटीई घोटाला : मान्यता प्रत्याहरण के लिए सचिव को भेजी गई फाइल

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शाहजहांपुर। कलान के दो स्कूलों में लगभग 16 लाख रुपये का गबन करने के मामले में डीएम के निर्देश के बाद कार्रवाई ने तेजी पकड़ ली है। बीएसए ने दोनों विद्यालयों की मान्यता प्रत्याहरण के लिए परिषद के सचिव को फाइल भेज दी है। वहीं आरटीई के गबन के लिए एडीएम एफआर से पत्राचार किया है। आरोपों की जांच के लिए बीईओ की चार सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है।
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कलान के ऑक्सफोर्ड पब्लिक कांवेंट और आदर्श बाल विद्या मंदिर में आरटीई की धनराशि के गबन का मुद्दा गांव मुसरिया नगला निवासी कमलेश कुमार ने उठाया था। उन्होंने कई बार डीएम व बीएसए को पत्र देकर जांच कराने की मांग की।
कई बार हंगामा करने व बीएसए कार्यालय घेरने के बाद डीएम तक बात पहुंची तो उन्होंने जांच रिपोर्ट को देखने के बाद एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। बीईओ कलान ने स्कूल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। बाद में कमलेश ने अफसरों से पत्राचार कर बताया कि बीईओ ने दोनों स्कूल का प्रबंधक और प्रधानाचार्य एक व्यक्ति को दर्शाकर रिपोर्ट दर्ज करा दी। प्रधानाचार्य को छोड़ दिया।
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आरोप लगाया कि उनके मुद्दा उठाने पर उनके बेटे अविनाश का नाम काटकर स्कूल से भगा दिया। टीसी व अंक पत्र भी नहीं दिया। बृहस्पतिवार को कमलेश ने बीएसए कार्यालय में जमकर हंगामा किया। मामले का संज्ञान लेते हुए डीएम ने दोनों स्कूलों की मान्यता रद्द करने के आदेश दिए थे। डीएम तक मामला पहुंचने के बाद बीएसए दिव्या गुप्ता ने दोनों स्कूलों की मान्यता प्रत्याहरण की फाइल को परिषद के सचिव को भेज दिया है, साथ ही स्कूलों से स्पष्टीकरण तलब करते हुए सुनवाई के लिए भी तिथि दी गई है।

रिकवरी के लिए एडीएम को भेजा पत्र
कमलेश कुमार ने आरोप लगाया कि दोनों स्कूलों ने धांधली कर अपने परिवार के लोगों के खाते लगाकर धनराशि का गबन कर दिया। 16 लाख रुपये की रिकवरी के लिए बीएसए ने एडीएम एफआर को पत्र भेजा है।

सत्यापन पर उठ रहे सवाल, गठित की जांच समिति
आरटीई के आवेदन के बाद कई चरणों में सत्यापन होता है, लेकिन कलान में बच्चों की धनराशि को डकार लिया गया, लेकिन विभाग की नोडल अधिकारी, बीईओ समेत किसी को जानकारी नहीं हुई। इस पर सवाल खड़े हो रहे हैं। चूंकि मामला डीएम की जानकारी में है, ऐसे में कई बड़े लोगों पर आंच आ सकती है। बीएसए ने मामले की जांच के लिए चार बीईओ की समिति का गठन कर दिया है।

पुलिस नहीं कर रही गिरफ्तारी
पीड़ित कमलेश ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने के बजाय उनके ऊपर समझौते का दबाव बना रही है। वह मामले की लखनऊ में पुलिस मुख्यालय तक शिकायत कर चुके हैं।

स्कूलों की मान्यता प्रत्याहरण के लिए परिषद के सचिव को रिपोर्ट भेज दी है। रिकवरी के लिए एडीएम से पत्राचार किया है। मामले में जांच के लिए बीईओ की चार सदस्यीय कमेटी बनाई गई है।
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- दिव्या गुप्ता, बीएसए
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