बंडा। रंग खेलने के दौरान दरवाजे का छज्जा ढहने से दो बच्चों की मौत हो गई, इससे घर में कोहराम मच गया। बाद में मोहल्ले के लोगों ने परिवार के लोगों को समझाया लेकिन बच्चों की मौत के गम में वहां होली नहीं मनाई गई।
बंडा के मोहल्ला रामनगर निवासी वीरेंद्र कुमार मंगलवार सुबह अखबार डालने के बाद होली खेलने चले गए। पत्नी सीमा देवी घरेलू काम में व्यस्त हो गईं। वीरेंद्र के तीन बच्चे, नौ वर्षीय आशू, पांच वर्षीय रमनदीप उर्फ निक्कू और एक वर्षीय नंदिनी घर में मेन गेट के पास खेल रहे थे। वीरेंद्र ने कुछ दिन पहले ही मकान बनवाया था और दरवाजे पर छज्जा डलवाया था, लेकिन छज्जे पर दीवार नहीं थी।
मंगलवार सुबह करीब दस बजे अचानक छज्जा ढह गया और उसका मलबा रमनदीप व नंदिनी के ऊपर आ गिरा। तेज आवाज होने पर सीमा देवी मौके पर पहुंची तो बच्चों को मलबे के नीचे दबा देखकर शोर मचाया। इस पर मोहल्ले के लोग मौके पर पहुंचे और मलबा हटाकर बच्चों को निकाला। उनको बंडा सीएचसी ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने दोनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया। जानकारी पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंची, लेकिन परिवार वालों ने पोस्टमार्टम से इनकार कर दिया। बाद में एसडीएम दशरथ कुमार, सीओ नवनीत कुमार नायक, नायब तहसीलदार भानुप्रताप सिंह मौके पर पहुंचे और परिवारवालों को समझाकर शव पोस्टमार्टम को भिजवाए।