रोडवेज बसों में उमड़ी पर्व की भीड़ का लाभ उठाते हुए परिवहन निगम के स्थानीय डिपो ने शनिवार को सुबह से शाम तक करीब 4.40 लाख रुपये की अतिरिक्त कमाई की। निगम के अधिकारिक सूत्रों के अनुसार किराया और मालभाड़ा मद में रोजाना औसतन 15 लाख रुपये राजस्व प्राप्त होता है, लेकिन शनिवार को शाम पांच बजे तक कैश काउंटर पर 19.40 लाख रुपये जमा हुए। रविवार को यात्रियों की वापसी की भीड़ से राजस्व में और इजाफा होने की उम्मीद है।
रोडवेज के स्थानीय डिपो प्रबंधक नागेश गुप्ता के अनुसार पर्व पर दिल्ली, मथुरा, जयपुर, अजमेर आदि के लांग रूट के यात्री दो दिन पहले से निकलने शुरू हो गए। लोकल रूट की बसों में यात्रियों की संख्या बढ़ने से कैश कलेक्शन में काफी बढ़ोत्तरी हुई। गोला, पलिया, खुटार, बरेली, फर्रुखाबाद आदि स्थानीय मार्गों पर दोपहर बाद तक यात्रियों का दबाव बना रहा। कई लोकल रूट पर बसों की सीटें फुल होने के बाद स्टेडिंग श्रेणी के यात्री भी रास्ते में मिले। इस कारण कैश काउंटर पर राजस्व बढ़ने के संकेत भी दोपहर से मिलने लगे।
स्टेशन प्रबंधक ने बताया कि रनिंग स्टाफ में शामिल कई चालक-परिचालकों के अवकाश आवेदन यात्री हित में रद्द कर दिए गए। प्रोत्साहन योजना लागू होने का लाभ यह मिला कि अधिकांश ड्राइवर-कंडक्टर 1800 किमी का यात्रा लक्ष्य पूरा करने में जुटे रहे। एक सितंबर तक यह आंकड़ा छूने वाले रनिंग स्टाफ को वेतन के साथ 1200 रुपये का अतिरिक्त भुगतान किया जाएगा। इस योजना से करीब दो सौ से अधिक कर्मचारी लाभान्वित होंगे।
तिपहिया वाहनों की बढ़ गई बुकिंग डिमांड
पर्व के मौके पर यात्रियों की भीड़ बढ़ने पर रोडवेज बसों के चालक रास्ते में मिलने वाली कांट, रेती, रोजा, सिंधौली, मुकरमपुर, जंगबहादुरगंज आदि कम दूरी की सवारियां बिठाने से गुरेज करते हैं। यही वजह रही कि इन स्थानों की सवारियां ढोने के लिए तमाम टैंपो चालकों ने अपने वाहन शनिवार को बुकिंग पर चलाए। यात्रियों से किराया सामान्य दिनों की तरह लिया गया, लेकिन रूट के रास्ते में खड़े लोगों को आवाज देकर सवारियां बुलाने वाले तिपहिया वाहन चालकों ने भी नजरंदाज कर दिया, क्योंकि पर्व की वजह से रोड पर तिपहिया वाहन अन्य दिनों की तुलना में कम उतरे। जो टैंपो सड़कों पर आए, उनके चालक सारी सीटें फुल करके गंतव्य को रवाना हुए।
जाम के शिकंजे में फंसा रहा स्टेशन रोड
शाहजहांपुर। पर्व पर बाहर से आने वाले यात्रियों की भीड़ रेलवे स्टेशन पर उतरने के बाद बाहर निकलने पर सुबह से शाम तक कई बार स्टेशन रोड पर जाम लगा। खास यह रहा कि इस दौरान यातायात सामान्य बनाए रखने को पुलिस कर्मी कहीं नजर नहीं आए।
रेलवे स्टेशन से लेकर रोडवेज बस स्टेशन तक मिठाई विक्रेताओं ने फुटपाथों के आगे तक तख्त डालकर मिठाइयों की ट्रे सजा लीं। ऐसे में ट्रेन और बसों से उतरने वालों का हुजूम रोड पर आते ही सामान्य यातायात में रुकावट पड़ने लगी। शनिवार को सुबह बरेली-बनारस पैसेंजर और दोपहर के वक्त त्रिवेणी एक्सप्रेस आने पर स्टेशन से बाहर निकले लोगों को आगे बढ़ना कठिन हो गया। यही हाल पुवायां रोड पर रोडवेज के आगे तक और निगोही रोड पर गदियाना तक बना रहा।