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Shahjahanpur News: बस चालक से चार हजार रुपये रिश्वत लेता रोडवेज का टाइमकीपर गिरफ्तार

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शाहजहांपुर। भ्रष्टाचार निवारण संगठन बरेली की टीम ने बृहस्पतिवार को रोडवेज बस अड्डे पहुंचकर वहां टाइमकीपर के पद पर तैनात वरिष्ठ लिपिक नृपेश कुमार को चार हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। उपस्थिति लगाने के नाम पर रिश्वत मांगने की एक चालक की ओर से की गई शिकायत पर टीम ने यह कार्रवाई की। मामले में सदर बाजार थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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आरोपी नृपेश बलिया जिले के उभांव थाना क्षेत्र का पलिया खास का रहने वाला है। रिपोर्ट के मुताबिक नृपेश यहां के सिंधौली थाना क्षेत्र के हरिबल्लभपुर निवासी चालक सरोज मिश्रा को चार महीने से परेशान कर रहा था। वह उपस्थिति लगाने के एवज में चार हजार रुपये मांग रहा था। इससे तंग आकर सरोज ने रिश्वत मांगने की बातचीत की रिकॉर्डिंग कर भ्रष्टाचार निवारण संगठन में शिकायत कर दी।
शिकायत के आधार पर टीम ने बृहस्पतिवार को जाल बिछाया। दोपहर 12:35 बजे रोडवेज बस अड्डे के बरामदे में सरोज मिश्रा ने नृपेश को चार हजार रुपये दिए। तभी टीम ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी को एमएसटी कार्यालय ले जाकर उसके हाथ धुलवाए तो वह गुलाबी हो गए। यहां करीब चार घंटे तक कार्रवाई चली।
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ट्रैप टीम प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र सिंह की ओर से आरोपी के खिलाफ तहरीर दी। एसपी सौरभ दीक्षित ने बताया कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत सदर बाजार थाने में नृपेश पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। नृपेश को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
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पीड़ित सरोज को चार माह से प्रताड़ित कर रहा था नृपेश
शाहजहांपुर। ड्यूटी के बाद भी उपस्थिति लगाने के लिए पांच से 15 सौ रुपये तक प्रति माह चालक-परिचालक से वसूले जाते थे। सरोज मिश्र का आरोप है कि चार महीने से टाइम कीपर ने अधिक प्रताड़ित करना प्रारंभ कर दिया था। वह टाइम कक्ष में बैठे रहते थे, लेकिन उनकी उपस्थिति नहीं लगाने के साथ ही अपशब्दों का प्रयोग किया जाता था। परेशान होकर उन्होंने एंटी करप्शन टीम के पास जाने का निर्णय किया।
सिंधौली के गांव हरिबल्लभपुर निवासी सरोज मिश्रा ने एक साल पहले ही परिवहन निगम में संविदा पर नौकरी पाई थी। चार महीने से टाइमकीपर नृपेश सिंह ने प्रति महीने धनराशि मांगनी शुरू कर दी। सरोज ने बताया कि 12 से 15 हजार रुपये प्रतिमाह के मानदेय में एक हजार रुपये हर महीने उपस्थिति लगाने के मांगे जा रहे थे। इन्कार करने पर उन्हें परेशान किया जाता था। ड्यूटी करने के बाद भी उपस्थिति नहीं लगाई जाती थी।
सरोज का आरोप है कि टाइम कीपर ने गुजरे दो महीने और अगले दो माह के चार हजार रुपये मांगे थे। इन्कार करने पर ड्यूटी पर नहीं भेज रहा था। इसके चलते मानसिक रूप से परेशान थे। इसी दौरान नृपेश सिंह से हुई बातचीत को फोन पर रिकाॅर्ड कर लिया। इसे एंटी करप्शन टीम को भेजकर शिकायत की। उसे पकड़ने के बाद बस अड्डे पर करीब चार घंटे तक टीम ने कार्रवाई की। इस बीच कर्मचारी नेता व चालक-परिचालक आसपास एकत्र रहे। टाइम कीपर को साथ ले जाने के समय सदर पुलिस को भी बुलाया गया।

सुबह टीम के सदस्य को दिखाया था चेहरा
टीम के सदस्य सुबह ही यहां पहुंच गए थे। टीम के एक सदस्य ने सरोज के साथ वर्कशाॅप में जाकर नृपेश सिंह को देखा। इसके बाद उसे पकड़ने के लिए योजनाबद्ध तरीके से दोपहर में वर्कशॉप गए। वहां नृपेश नहीं मिला। पता चला कि वह रोडवेज बस अड्डे पर था। इन दिनों बस अड्डा बंद होने के चलते भीड़ नहीं रहती है। सरोज के अनुसार, वर्कशॉप पर पहुंचने पर नृपेश ने बरामदे में खुलेआम रुपये ले लिए। तभी एंटी करप्शन ने उसे दबोच लिया। सरोज के अनुसार, नृपेश चालकों-परिचालकों से खुलेआम रुपये मांगता था। कहता था कि उसे किसी का डर नहीं है।

अच्छे रूट और नई गाड़ी के भी लिए जाते हैं रुपये
परिवहन निगम में एंटी करप्शन टीम के छापे के बाद सामने आया कि निगम में अच्छा रूट और नई गाड़ी के लिए भी रुपये देने पड़ते थे। सरोज मिश्रा के अनुसार, रिश्वत देने वाले चालक-परिचालक अपनी हाजिरी स्वयं भी लगा देते हैं।

टीम के दबोचते ही एआरएम निकल गए
टीम के लिपिक को दबोचने की सूचना के बाद एआरएम अरुण कुमार बस अड्डे से चले गए। दोपहर करीब एक बजे फोन पर उन्होंने घटना की जानकारी होने से इन्कार किया। शाम को उनका फोन स्विच ऑफ बताता रहा।

यह है खेल
कर्मचारी नेता विजय सिंह बताते हैं कि चालक-परिचालक को 2.18 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से परिवहन निगम से भुगतान होता है, साथ ही महीने में 24 दिन ड्यूटी लगने पर दस हजार रुपये का प्रोत्साहन मिलता है। ड्यूटी कम होने पर प्रोत्साहन राशि कट जाती है।
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इस वर्ष हुए प्रमुख मामले
-21 अप्रैल : बीएसए कार्यालय में डीसी एमडीएम निश्चय सिंह व लेखाकार अरुण कुमार को दस हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया।
-22 अप्रैल : तिलहर मंडी में आरएफसी केंद्र के एएमओ मुनेंद्र पटेल को नौ हजार रुपये रिश्वत लेते दबोचा गया।

-11 जून : जैतीपुर थाने के सिपाही विवेक कुमार को एंटी करप्शन टीम ने 35 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा।
-01 जुलाई : सदर तहसील में तैनात लेखपाल योगेश तिवारी को दस हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा।
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