शाहजहांपुर। ग्रीन जोन में शामिल जनपद में बुधवार को रोडवेज बस चलनी शुरू हुईं तो लोगों में खुशियाें का ठिकाना न रहा। हालांकि निगम के अधिकारियों को जैसी उम्मीद थी उसके विपरीत ही यात्री आए। जलालाबाद और खुटार मार्गों पर बसों की पहली ट्रिप सुबह सात बजे रवाना होनी थी, लेकिन उस वक्त तक कोई यात्री स्टेशन पर पहुंचा ही नहीं। करीब डेढ़ घंटा देरी से जलालाबाद को रवाना हुई बस में सिर्फ पांच यात्री सवार हुए। इसी तरह सुबह 8:45 बजे खुटार के लिए छूटी बस को केवल छह यात्री मिल पाए। प्रशासन ने बसों में अधिकतम 25 यात्री बिठाने के निर्देश दिए, लेकिन यात्री नहीं मिलने से परिचालकों को सामाजिक दूरी का पालन कराने में कोई कठिनाई नहीं हुई। बसों में चढ़ने से पहले सैनिटाइजर से यात्रियों के हाथ साफ कराए गए।
22 मार्च को जनता कर्फ्यू के बाद से रोडवेज बसों का संचालन ठहर गया था। दो चरणों के लॉकडाउन के बाद जनपद कोरोना मुक्त घोषित हुआ तो केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जिले को ग्रीन जोन मेें शामिल कर रियायतों की घोषणा की, जिसमें रोडवेज बसों का संचालन भी शामिल किया गया। चूंकि, पड़ोस के फर्रुखाबाद और लखीमपुर खीरी जिले भी ग्रीन जोन में आ गए, इसलिए माना गया कि शाहजहांपुर डिपो की बसें जिले के अंदर पॉकेट रूट (स्थानीय मार्गों) के साथ इन दोनों जनपदों तक चलाई जाएंगी। इसीलिए इन सभी मार्गों पर चलने वाली करीब 50 बसों को दो दिन पहले ही सैनिटाइज कर स्टेशन परिसर में खड़ा कर लिया गया था। सोमवार तक रोडवेज बसों के संचालन के बारे में शासन, प्रशासन अथवा निगम मुख्यालय से कोई गाइड लाइन नहीं मिली। इस कारण बसों के चक्के थमे रहे, लेकिन मंगलवार को शासन से मिले दिशानिर्देशों के तहत डीएम ने रोडवेज बसें चलाने का आदेश जारी किया। इसके बाद सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक ने संबंधित मार्गों की बसों का दोबारा सैनिटाइजेशन कराने के साथ स्टेशन प्रबंधक संजीव निगम से समय सारिणी तय कराई और संबंधित चालक-परिचालकों को बुधवार सुबह ड्यूटी पर बुला लिया।
यात्रियों का किया इंतजार.. देरी से चलीं बसें
इसके साथ ही यात्रियों की प्रतीक्षा की जाने लगी। बसें छूटने के निर्धारित समय तक कांट, जलालाबाद के दो और खुटार रूट के लिए सिर्फ एक यात्री पहुंचा। इसे देखते दोनों मार्ग की बसों को देर तक रोके रखा गया। इसके बावजूद मुसाफिरों की संख्या दहाई तक नहीं बढ़ पाई। नतीजा यह हुआ कि जलालाबाद को पहली बस सिर्फ पांच यात्री लेकर गई और खुटार रूट पर रवाना हुई बस मेें केवल छह यात्री चढ़े। तिलहर समेत इन दोनों मार्गों पर दूसरे चक्र में रवाना हुई बसों को भी बहुत कम सवारियां मिली।
डिपो मुख्यालय से बसों का संचालन सुबह सात से शाम पांच बजे तक कराने का निर्णय किया गया है। शाम सात बजे से लॉकडाउन लागू होने पर बसों का संचालन संभव नहीं है। शाम को रवाना होने वाली बसें अपने गंतव्य पर पहुंचने के बाद रात को वहीं ठहराव लेने के बाद अगले दिन पहली सेवा के तौर पर मुख्यालय के लिए प्रस्थान करेंगी। उम्मीद है कि एक-दो दिन के अंदर पर्याप्त यात्री मिलने लगेंगे।
- एसके वर्मा, एआरएम, शाहजहांपुर डिपो