शाहजहांपुर। बरेली मोड़ चौराहे से गर्रा फाटक तक 1.8 किलोमीटर सड़क के चौड़ीकरण का काम डेढ़ साल में पूरा नहीं हो सका। इस सड़क पर एक तरफ यातायात रोकने के लिए पेड़ काटकर डाल दिए गए हैं। वहीं दूसरी ओर पाइप लाइन की मरम्मत के लिए गड्ढे खोद दिए गए। इससे लोगों का इधर से निकल पाना दूभर हो गया है। खास बात यह कि इन स्थानों पर कोई संकेतक नहीं लगाए गए हैं, जिससे रात में हादसे होने की आशंका है। इस सड़क पर ईंटें-बजरी पहले से बिखरी पड़ी हैं।
चौड़ीकरण कार्य के चलते सड़क की एक साइड से दोनों ओर के वाहन निकाले जा रहे हैं। दूसरी साइड पर निर्माण कार्य चल रहा है। बीच में डिवाइडर बनने से सड़क संकरी हो गई है। डिवाइडर के बीच-बीच में कट छोड़ दिए गए हैं। सड़क की एक साइड बंद करने के लिए पेड़ काटकर डाल दिए गए हैं। मगर इनसे बचने कहीं कोई संकेतक या रेडियम लाइट तक नहीं लगाई गई है।
लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग से शहर को जोड़ने वाले बरेली मोड़-गर्रा फाटक मार्ग को चौड़ा करने के काम में नगर निगम और लोक निर्माण विभाग लापरवाही का ठीकरा एक-दूसरे पर फोड़ रहे हैं। इस सड़क के चौड़ीकरण का काम करीब डेढ़ साल पहले शुरू हुआ था। अब तक बरेली मोड़ से अजीजगंज की ओर वृंदावन गार्डेन कालोनी के सामने तक सड़क की बायीं लेन हॉटमिक्स से बनाई गई है। अजीजगंज तक डिवाइडर बन पाया है। सड़क का बाकी हिस्सा उखड़ा पड़ा है, जिसकी वजह से लोग मुश्किलें झेल रहे हैं।
पाइप लाइन की मरम्मत ने बढ़ाई मुसीबत
जिस लेन पर दोहरा यातायात जारी है, उस पर दो जगह भूमिगत पेयजल पाइप लाइन की मरम्मत का काम चल रहा है। इस वजह से लोगों को वहां से निकलने में मुश्किलें हो रहीं हैं। इन दोनों ठिकानों पर किसी प्रकार का संकेतक नहीं लगाया गया है। रात में यहां से गुजरने वाले लोगों को बहुत संभलकर चलना पड़ता है।
तीन माह पहले बनना शुरू हुआ डिवाइडर
बरेली मोड़ चौराहे से गर्रा फाटक तक सड़क के दोनों ओर के फुटपाथों पर पत्थर गिट्टी की परत बिछाने का काम करीब एक वर्ष पहले शुरू हुआ था। शासन से 1.80 किमी लंबे मार्ग के चौड़ीकरण को 11.20 करोड़ रुपये बजट स्वीकृत हुआ है। तीन माह पहले बरेली मोड़ की ओर से रोड के बीच डिवाइडर बनाने की शुरुआत हुई। मगर सड़क से अतिक्रमण, बिजली के पोल और पेड़ खड़े होने से लोक निर्माण विभाग के ठेकेदार ने काम रोक दिया था। अब सड़क से बिजली के पोल और पेड़ हटा दिए गए। मगर मगर निर्माण कार्य में तेजी फिर भी नहीं आई।
सड़क पर बंद लेन के दोनों ओर संकेतक पहले से लगे हैं, लेकिन जल्दबाजी मेें लोग उन्हें अनदेखा कर रहे हैं। रोड के लिए स्वीकृत बजट के सापेक्ष 4.50 करोड़ रुपये मिले हैं जो खर्च हो चुके हैं। बजट की संपूर्ण धनराशि के आवंटन को डीएम के माध्यम से शासन को पत्र भेजा जा चुका है। धनराशि अवमुक्त होने पर मार्च के अंतिम सप्ताह में निर्माण कार्य पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा।
- ओपी वर्मा, अधिशासी अभियंता, लोनिवि (प्रांतीय खंड एवं निर्माण खंड-1)