शाहजहांपुर। सीवर लाइन डालने के बाद क्षतिग्रस्त हुए मार्गों पर अभी तीन माह और राहगीरों को हिचकोले खाने होंगे। काम पूरा होने के बाद भी फरवरी तक सड़कों का निर्माण सर्दी के कारण ठंडा रहेगा। इस बीच गड्ढों को माैरंग और बजरी डालकर भर दिया जाएगा। ऐसे में धूल उड़ने से लोग परेशान होंगे।
अंजान चौकी से अंटा चौराहा तक सीवर के चैंबर व मैनहोल के आसपास की सड़क खराब है। यहां पड़े पत्थर और गड्ढों की भरमार के कारण वाहन चालकों को निकलना तक मुश्किल होता है। धूल उड़कर दुकानों में पहुंचती है। यही हाल अंटा चौराहा से विसरात रोड का भी है, यहां पर निदान पैथालॉजी के सामने सड़क कटी है। इससे गहरा गड्ढा हो गया है, जिसमें वाहनों के पहिये धंस जाते हैं।
शेखर अस्पताल से वसीम अस्पताल के बीच बनाए गए सीवर के मैनहोल सड़क से ऊंचे हैं। इससे वाहन चालक उछल जाते हैं। गड्ढों के कारण यहां पैदल चलना भी मुश्किल होता है। जीआईसी तिराहे से कचहरी मार्ग पर स्थित गुरुद्वारे के पास गहरे गड्ढे हैं।
पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस से वृंदावन गार्डन होकर गोविंदगंज जाने वाला मार्ग करीब एक साल उखड़ा पड़ा है। पानी की निकासी न होने से यहां सड़क बैठ जाती है। मोहल्ला सिंजई से आनंदपुरम कॉलोनी होकर ईदगाह मार्ग भी कई महीनों से क्षतिग्रस्त है। इस मार्ग से छोटे व बड़े सभी तरह के वाहनों का आवागमन रहता है। गहरे गड्ढों के साथ ही मैनहोल के बेतरतीब बने होने से दिनभर जाम की समस्या भी बनी रहती है।
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करीब तीन महीने से सड़क खोदी हुई पड़ी है, यहां पर कई लोग हादसे का शिकार हो चुके हैं। दिनभर धूल भी उड़ती रहती है, जिससे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
- जगदीश, बृज विहार कॉलोनी
जल निगम ने सीवर लाइन डालने के लिए पूरी सड़क खोदकर डाल दी गई। इसकी मरम्मत के लिए कोई नहीं आता। दुकानदारों को दिनभर धूल फांकना पड़ती है।
- लक्ष्मीकांत रस्तोगी, बृज विहार कॉलोनी
अब से सीवर लाइन का काम शुरू हुआ तब से ही अंजान चौकी से अंटा चौराहा वाली रोड की दुर्दशा है। लोग गड्ढों की वजह से गिरकर घायल होते रहते हैं। जल्द मरम्मत होनी चाहिए।
- सलीम अहमद, मोहल्ला खलीलशर्की
सड़क की मरम्मत न होने से धूल उड़ती है, जिसके चलते दुकानदार बीमार हो रहे हैं। मैं भी धूल के कारण बीमार हो गया। दुकान में धूल न जाए, इसके लिए पॉलिथीन लगवानी पड़ गई।
-आरके शर्मा, मोहल्ला खलीलशर्की
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इस माह के अंत तक सीवर लाइन का कार्य पूरा होने का दावा
सीवर लाइन डालने व मैनहोल बनाने का काम पूरा होने के बाद सड़कों के गड्ढों को भर दिया गया था। वर्तमान में चैंबर बनाने और कनेक्शन देने का काम चल रहा है, जिसके चलते सड़कों को खोदा गया है। यह कार्य दिसंबर के अंत तक पूरा होने का दावा अफसर कर रहे हैं।
दिसंबर के बाद सर्दी अधिक होने से तारकोल आधारित कार्य संभव नहीं होते। ऐसे में सड़कों की मरम्मत करवाना भी मुश्किल होगा। हालांकि गड्ढों को माैरंग, बजरी व पत्थरों को डालकर भर दिया जाता है।
-विनय शाक्य, सहायक अभियंता, जल निगम
आरके शर्मा
आरके शर्मा
आरके शर्मा