शाहजहांपुर। सीवर लाइन डालने के बाद सड़क को पहले की तरह बनाया जाना था लेकिन नियम-कायदों पर ठेकेदार की मनमर्जी भारी पड़ी। जनता की परेशानी से अधिकारियों के मुंह मोड़ लेने के कारण सड़कों को खोदने के बाद बजरी और सीमेंट का पैबंद लगाकर या केवल मिट्टी भरकर छोड़ दिया गया। इससे शहर की मुख्य सड़कों व कॉलोनियों की सड़कें बर्बाद हो गईं हैं। हजारों लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है मगर अधिकारियों को कोई फर्क नहीं पड़ रहा।
अमृत योजना के तहत शहर में तीन सौ करोड़ रुपये की लागत से सीवर लाइन बिछाने का काम कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस जल निगम की ओर से किया जा रहा है। निर्माण एजेंसी ने शहर में एक साथ कई स्थानों से खोदाई का कार्य शुरू किया। पिछले एक साल से लोग सीवर लाइन की खोदाई से परेशान हैं। सड़क खोदी जा रही है लेकिन उसे पूर्व स्थिति में नहीं लाया जा रहा। पूर्व में वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने भी इस पर आपत्ति जताई थी। इसके बावजूद मनमानी पर अंकुश नहीं लगाया जा सका।
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ऐसी है स्थिति
- अंटा चौराहा से विसरात रोड पर निदान पैथोलॉजी के सामने तथा अन्य कई स्थानों पर सीवर लाइन डालने के बाद गड्ढों को बजरी और सीमेंट से भरकर पैबंद लगा दिया गया है। इससे सड़क पर गड्ढा होने से हादसे की आशंका बनी रहती है।
- घंटाघर से तारीन टिकली मार्ग पर पाठक इंटरप्राइजेज के पास में सीवर लाइन डालने के बाद सड़क के गड्ढे को मिट्टी डालकर भर दिया गया। यहां भी गड्ढा हो गया है। इधर-उधर गिट्टी फैली हुई है।
- कृष्णानगर कॉलोनी में गलियों की सड़कों को खोदकर सीवर लाइन डालने का काम चल रहा है, जहां पर सीवर लाइन पड़ चुकी है। वहां पर मिट्टी और गिट्टी डालकर छोड़ा गया है। इससे कॉलोनी के बाशिंदे काफी नाराज है, उनका कहना है कि सड़क की मरम्मत पहले जैसी होनी चाहिए थी।
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नियमानुसार होनी चाहिए सड़क की मरम्मत
सड़क की खोदाई करने के बाद खराब हुए स्थान को पूर्व स्थिति में लाना होता है। कार्यदायी संस्था द्वारा सीवर लाइन डालने के बाद सड़कों की मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। तकनीकी रूप से गड्ढे में मिट्टी भरने के बाद उसे पानी डाल कर नीचे बैठाया जाता है। रोलर से कुटाई की जाती है। ताकि बारिश होने या फिर भारी वाहन निकलने पर सड़क धंसे नहीं। कार्यदायी संस्था इन नियमों का पालन नहीं कर रही। पिछले दिनों हुई बारिश में सड़कों पर कहीं फिसलन हो गई, तो कहीं उबड़-खाबड़ होने के चलते आने-जाने में परेशानी हो रही हैं। जहां भी खोदाई हुई है, वहां पर सड़क अपनी पूर्व स्थिति में नहीं है।
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कार्यदायी संस्था जल निगम द्वारा सीवर लाइन डालने का काम किया जा रहा है। उसी की जिम्मेदारी है कि सीवर लाइन डालने के बाद सड़क की मरम्मत कराकर पुरानी स्थिति में लाया जाए। मिट्टी भरकर या बजरी-सीमेंट डालकर गड्ढों को भरकर छोड़ना गलत है। इसकी जांच कराई जाएगी।
- संतोष कुमार शर्मा, नगर आयुक्त
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ठेकेदार को निर्देश दिए गए हैं कि सीवर लाइन डालने के बाद सड़क की मरम्मत कराए। इसमें गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाए। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- सुनील कुमार यादव, एक्सईएन, सीएंडडीएस जल निगम