शाहजहांपुर। उत्तराखंड और पश्चिमी यूपी के बांधों बैराजों से निकल रहे अतिरिक्त पानी और लगातार हो रही भारी वर्षा के कारण जिले की नदियों में सोमवार को तीसरे दिन भी उफान बना रहा। कलान के भैसार बांध पर गंगा का जलस्तर 25 सेमी और जैतीपुर से अल्हागंज तक रामगंगा 80 सेमी बढ़ जाने से तटीय गांवों के रास्ते जलमग्न होने लगे हैं। इधर, शहर के समीप गर्रा 1.10 मीटर और खन्नौत 50 सेमी बढ़ गई है।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सुनील कुमार भास्कर ने जिले की नदियों में अभी बाढ़ की स्थिति होने से इन्कार किया है। अभी नरौरा से गंगा में सिर्फ 49077 क्यूसेक पानी निकल रहा है। गर्रा और खन्नौत नदियों में भी उफान तेज हो रहा है। बीते दो दिन में गर्रा 2.10 मीटर और खन्नौत 1.15 मीटर बढ़ चुकी है। गर्रा का बहाव शहर के पुराने पुल के मोहल्ला बालागंज स्थित हनुमान मंदिर के करीब पहुंच चुका है जबकि लोधीपुर में खन्नौत नदी कई तटीय घरों को टापू बनाने के बाद अब इंदिरानगर कॉलोनी की ओर बढ़ रही है।
नदियों के किनारे जलमग्न हो रहीं फसलें
जलालाबाद। नदियों के किनारे के टापर, हथिनापुर, बलदेवपुर, फरीदापुर, कहार मड़ैया, शाहपुर व काजरबोझी आदि गांवों में बारिश से हालात बिगड़ गए हैं। रवींद्र सिंह, वीरेश कुमार, अनिल सिंह, संदीप, जयवीर सिंह, नरेश आदि किसानों ने बताया कि खेतों में फसलों की सड़ने की आशंका बन गई है। तहसीलदार चमन सिंह ने माना कि बारिश से फसलों को नुकसान हो रहा है। सोमवार को उन्होंने कोलाघाट, खंडहर और तिकोला क्षेत्र में रामगंगा और बहगुल नदियों का जायजा लिया। बताया कि सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर कर्मचारियों को लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं। संवाद
कटान से केसीनगला गांव के अस्तित्व पर संकट
जैतीपुर। रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से गांव केसीनगला में कटान तेज हो गया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और स्कूल की चहारदीवारी पानी की धारा से सिर्फ दो मीटर दूर है। स्कूल जाने वाला मार्ग कट चुका है। संवाद