शाहजहांपुर। पहाड़ों समेत मैदानी क्षेत्रों में हुई भारी वर्षा और उत्तराखंड के बांधों-बैराजों से भारी मात्रा में पानी की निकासी के कारण जिले से होकर बहने वाली नदियों में मंगलवार को चौथे दिन भी उफान जारी रहा। कीलापुर में गंगा के तटबंध में दो जगह दरारें पड़ गई हैं। वहीं रामगंगा और गंगा नदियों में विभिन्न बैराजों से 1.55 लाख क्यूसेक से अधिक पानी पहुंचने से बाढ़ आपदा लगातार बढ़ रही है। इससे कई सड़कें और ग्रामीण रास्ते जलमग्न हो जाने से जलालाबाद व कलान तहसील के तटवर्ती गांवों का जनजीवन प्रभावित हुआ है।
सिंचाई विभाग शारदा नहर खंड केेे बाढ़ नियंत्रण कक्ष को विभिन्न बैराजों से मिली सूचनाओं के अनुसार नरौरा से गंगा में सुबह से एक लाख 15 हजार 180 क्यूसेक पानी की निकासी जारी है। पानी की यह मात्रा पिछले दिन से 13536 क्यूसेक कम है, लेकिन भैंसार बांध पर गंगा का जलस्तर 141.08 पर स्थिर है। गंगा में पानी बढ़ने के संकेत हैं क्योंकि बदायूं के कछला घाट पर खतरे के निशान 162 मीटर को पार कर 162.18 मीटर पर बह रही गंगा का पानी वहां से सिमटकर इधर आ रहा है। गंगा के जलस्तर मेें वृद्धि होने पर कलान क्षेत्र में कीलापुर सहित कई गांवों की सुरक्षा को बनाए गए तटबंध का अस्तित्व खतरे में पड़़ जाएगा। इसी खतरे को भांपकर सिंचाई विभाग के अभियंता तटबंध पर पड़ी दरारों में मिट्टी और ईंट के रोड़ा का भराव कर बंद कराने में जुटे हैं।
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नदियों का जलस्तर (मीटर में) : एक नजर
नदी खतरे का निशान मौजूदा जलस्तर
गंगा 143.65 141.08
रामगंगा 161.50 160.22
गर्रा 148.80 147.90
खन्नौत 145.75 145.70
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मोहनपुर गांव के तटबंध और आबादी की ओर बढ़ी रामगंगा
परौर। उफनाई रामगंगा अब तटीय गांंव मोहनपुर और वहां बनाए गए तटबंध के करीब पहुंच रही है। गत वर्ष बाढ़ में गांव का सरकारी नलकूप काट चुकी रामगंगा की लहरें इस बार फिर उसी तरफ बढ़ रही हैं। इससे पहले बिचपुरी, नारायण नगला आदि कई गांवों में कटान हो चुका है, लेकिन वहां तटबंध बना दिए जाने से यह गांव फिलहाल सुरक्षित हैं, लेकिन मोहनपुर में तटबंध से ऊपर बाढ़ का पानी आने की दशा में गांव के लोग चौतरफा पानी से घिर जाएंगे। परौर व कुंडरिया की बाढ़ चौकी में कागजों पर विभिन्न विभागों के कर्मचारी तैनात हो गए हैं, लेकिन अभी तक चौकियां सक्रिय नहीं हुईं हैं। कलान के एसडीएम महेश कुमार कैथल ने बीते दिन मंझा गांव के पास बाढ़ का जायजा लेने के बाद दावा किया कि अभी रामगंगा में बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है। इस बीच, कलान सीएचसी के प्रभारी डॉ. दिनेश यादव ने दोनों चौकियों पर चिकित्सा सुविधा के लिए कर्मचारी नियुक्त कर दिए हैं। संवाद
परौर क्षेत्र के मोहनपुर के किनारे पहुंची रामगंगा। संवाद
परौर क्षेत्र के मोहनपुर के किनारे पहुंची रामगंगा। संवाद