खुटार में गोमती नदी में उफान आने से डूबी फसलें। संवाद
खुटार। जिले में कई नदियों का जलस्तर बढ़ने के बाद अब 12 वर्ष बाद गोमती नदी में भी उफान आ गया है। गोमती नदी के पानी में काफी बढ़ोत्तरी होने के बाद सैकड़ों एकड़ फसल डूब गई है।
पीलीभीत जनपद से शुरू होने वाली गोमती नदी पिछले कई वर्षों से नाममात्र पानी के साथ बहती थी। बरसात के दिनों में गोमती का जलस्तर बढ़ जाया करता था, लेकिन किसी को कोई नुकसान नहीं होता था। इस बार ज्यादा पानी होने के कारण नदी के आसपास सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो गई है। फसलें डूबने से किसान परेशान हैं। किसानों का कहना है कि बाढ़ का पानी खत्म होने में कई दिन लगेंगे, इससे फसल नष्ट हो जाएगी। अभी और बारिश होनी है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि फसल खत्म होने की ओर है। जबकि अभी हाल ही में किसानों ने भारी खर्च करके धान की रोपाई कराई है।
श्मशान घाट की आधी दीवारों तक पहुंचा पानी
- खुटार में बहने वाली गोमती नदी के किनारे गांव लक्ष्मीपुर के पास श्मशान घाट बनवाया गया है। यहां खुटार क्षेत्र के कई गांवों के लोग अंतिम संस्कार करने के लिए पहुंचते हैं। गोमती में बाढ़ आ जाने के कारण श्मशान घाट की आधी दीवारों तक पानी पहुंच गया है। इससे यहां अंतिम संस्कार नहीं हो सकता है।
खुटार में गोमती नदी में उफान आने से डूबी फसलें। संवाद