कवि तिराहे पर कवि दामोदर स्वरूप विद्रोही को श्रद्धांजलि देते कवि व साहित्यकार। स्रोत: संस्था
शाहजहांपुर। क्रांतिकारी कवि दामोदर स्वरूप विद्रोही की जयंती पर कवि तिराहे पर स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
सामाजिक संस्था टीम आलवेज पॉजिटिव की ओर से हुए कार्यक्रम में कवि कुलदीप दीपक ने कहा कि विद्रोही जी ने अपनी कविताओं में अन्याय और शोषण के खिलाफ स्पष्ट स्वर बुलंद किए। उनकी रचनाएं सिर्फ साहित्य नहीं, बल्कि समाज में बदलाव का आह्वान हैं।
कार्यक्रम संयोजक डॉ.अरुण प्रताप सिंह भदौरिया ने उन्हें शब्दों का योद्धा बताया। कहा कि विद्रोहीजी ने दिखाया कि कलम की ताकत किसी भी तलवार से बड़ी होती है। डॉ. प्रशांत अग्निहोत्री ने कहा कि जब राजनीति और समाज दोनों ही नैतिक संकट से गुजर रहे हैं, तब विद्रोही जी की कविताएं हमें मार्गदर्शन देतीं हैं।
वरिष्ठ कवि ज्ञानेंद्र मोहन ज्ञान ने कहा कि विद्रोही जी की कविताएं हमारे भीतर सोए हुए साहस को जगातीं हैं। कार्यक्रम में सोहन लाल तिवारी, करुणेश अवस्थी, राम धीरज आदि मौजूद रहे।