हजारों रुपये बकाया देय अदा नहीं करने वाले बिजली उपभोक्ताओं से नरमी बरतने वाले महकमे के अफसरों की कारगुजारी से शहर के एक व्यापारी को बेवजह राजस्व हवालात का मुंह देखना पड़ गया। उद्योग व्यापार मंडल मिश्रा गुट ने इस मामले में तीखे तेवर दिखाते हुए बहादुरगंज पॉवर सब स्टेशन में एक्सईएन सिटी विवेक पटेल का घेराव किया तो वह बैकफुट पर आ गए। एक्सईएन ने आनन-फानन एडीएम वित्त एवं राजस्व के नाम संशोधन पत्र जारी करके व्यापारियों से अपना पीछा छुड़ाया। शहर के मोहल्ला बहादुरगंज निवासी फैजउल्ला अली के बेटे शमशाद पेशे से बैटरी व्यवसायी हैं। कुछ माह पहले उन्होंने अपना बिजली कनेक्शन बकाया बिल चुकता करके कटवा दिया था। इसके ऐवज में विभाग से उन्हें निर्धारित प्रपत्र भी बतौर प्रमाण पत्र जारी किया गया था। इसके बावजूद सोमवार को उनकी दुकान पर राजस्व विभाग के कुछ कर्मचारी पहुंचे और उनके विरुद्ध बिजली विभाग से जारी 87606 रुपये की आरसी जारी होने का हवाला देकर पकड़ लिया। शमशाद काफी गिड़गिड़ाए, लेकिन राजस्व स्टाफ ने उनकी एक नहीं सुनी और उन्हें अपने साथ ले जाकर सदर तहसील की हवालात के पास बिठाकर तहसीलदार को इत्तला देने चले गए। इस बीच, शमशाद वहां से जान बचाकर भाग निकले और व्यापार मंडल मिश्रा गुट के जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह दुआ से सारी बात बताकर बेवजह की देनदारी में फंसाए जाने से बचाने की गुहार की। कागजातों से शामशाद की बात सही साबित होते देख व्यापारी नेता दुआ अन्य कई पदाधिकारियों के साथ सदर तहसील जा पहुंचे। उन्होंने तहसीलदार ओंकार नाथ वर्मा को शमशाद के सारे कागजात दिखाते हुए पकड़े जाने की वजह पूछी। इस पर तहसीलदार ने शमशाद के हवालात से भागने पर आपत्ति करते हुए साफ कहा कि आरसी जारी होने की दशा में संबंधित के खिलाफ कोई रियायत संभव नहीं है। इस पर सारे व्यापारी नेता बहादुरगंज बिजली उपकेंद्र पहुंचे और एक्सईएन पटेल का घेराव करके उनसे सवाल करने शुरू कर दिए। शमशाद के बिजली कनेक्शन संबंधी प्रपत्र देखने के बाद एक्सईएन ने भी माना कि उनके खिलाफ त्रुटिपूर्ण आरसी जारी हुई है। व्यापारी नेता दुआ की मांग पर एक्सईएन पटेल ने तत्काल एडीएम पीके श्रीवास्तव के नाम संशोधन पत्र भी जारी कर दिया। इसमें एक्सईएन ने लिखा है कि उपभोक्ता शमशाद द्वारा कागजात उपलब्ध कराने के बाद ज्ञात हुआ यह रिकवरी गलती से जारी हुई है। एक्सईएन से मिलने वालों में सुनील गुप्ता, शाहनूर खां, धर्मपाल रैना आदि व्यापारी नेता शामिल रहे।