शाहजहांपुर। वर्ष 2022 में शुरू की गई रीवैंप योजना का कार्य 85 प्रतिशत तक पूर्ण होने के बावजूद लोगों को बिजली संकट से निजात नहीं मिल पा रहा है। गर्मी में प्रत्येक घंटे फॉल्ट रूपी झटकों से उपभोक्ता बेहाल हैं। इतने बड़े पैमाने पर कार्य पूर्ण होने के दावे के बावजूद शहर के प्रत्येक खंभे पर तारों का जाल, जर्जर एलटी की लाइनें व झुके हुए खंभे मिल जाएंगे। इससे हादसे होने का डर बना रहता है।
रीवैंप योजना के लिए 156 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया था। योजना में बिजली के नेटवर्क को मजबूत बनाने का लक्ष्य था। जर्जर खंभों, तारों आदि को बदलकर नया लगाना था। बिजली निगम के दावे के अनुसार, 85 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया गया। उसके बावजूद शहर की स्थिति बिजली के फॉल्टों को लेकर काफी ज्यादा खराब है।
तेज हवा चलने पर घंटों के लिए बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है। गोविंदगंज, निगोही रोड, ककरा, बहादुरगंज समेत कई उपकेंद्रों पर लोगों को रोजाना ही बिजली संकट से जूझना पड़ रहा है। लोड बढ़ते ही बिजली के तार टूटने से एक से दो घंटे तक आपूर्ति नदारद रहना आम बात हो गई है।
नीचे से गले खंभे की वेल्डिंग कराई, फिर भी तिरछा
निगोही रोड उपकेंद्र के निसरजई फीडर पर एक मीनार वाली मस्जिद के पास खंभा नीचे से गलने के बाद उसे वेल्डिंग करा दिया गया। उसके बावजूद खंभा एक तरफ से झुका है, जो तेज हवा चलने पर नीचे गिर सकता है। यहीं चंद कदम पर खंभा तिरछा होने के साथ ही तारों का जाल बिछा है। तारीन टिकली से पचराहा की तरफ जाने वाले मार्ग पर भी खंभा तिरछा होने से लोग परेशान हैं। बताया कि कई बार शिकायत कर चुके हैं।
मुख्य बाजार में जर्जर तार, अफसर नहीं दे रहे ध्यान
बहादुरगंज स्थित मशीनरी मार्केट में जर्जर तार रीवैंप योजना का तिहाई कार्य पूर्ण होने के बाद भी सही नहीं हो सके हैं। तारों पर लकड़ी बांधी गई, जिससे कोई तार टूटने पर लाइन नीचे नहीं गिरे। इसी तरह रामनगर गुरुद्वारे के सामने तार काफी जर्जर हैं। लोगों के अनुसार, कई बार शिकायत करने के बाद भी संज्ञान नहीं लिया गया। इसी तरह रुद्र बाला जी धाम से आगे की ओर पुराने जर्जर तार पड़े हुए हैं।
समय से कार्य पूर्ण नहीं कर पाई संस्था
कार्यदायी संस्था ने 156 करोड़ रुपये खपा दिए हैं। फिर भी उपभोक्ताओं को बिजली संकट से निजात नहीं मिल पा रही है। पूर्व में मार्च 2025 में कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य था। अब इसे बढ़ाकर अक्तूबर 2025 कर दिया गया है।
अब तक 85 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया गया है। डीपीआर के हिसाब से ही कार्य को कार्यदायी संस्था ने किया है। जहां पर कमियां हैं। उसे सही कराकर आपूर्ति दी जाएगी।
- जागेश कुमार, एसई
निगोही रोड उपकेंद्र के निसरजई फीडर पर तिरछा पोल। संवाद
निगोही रोड उपकेंद्र के निसरजई फीडर पर तिरछा पोल। संवाद
निगोही रोड उपकेंद्र के निसरजई फीडर पर तिरछा पोल। संवाद
निगोही रोड उपकेंद्र के निसरजई फीडर पर तिरछा पोल। संवाद