शाहजहांपुर। पहाड़ों पर हुई भारी वर्षा के कारण उत्तराखंड और पश्चिमी उप्र के बैराजों से निकाले गए अतिरिक्त पानी से गंगा-रामगंगा समेत गर्रा नदी में बृहस्पतिवार को भी उफान बना रहा। मिर्जापुर के तटीय गांवों के लोग बाढ़ की आशंका से भयभीत हैं। कलान एसडीएम ने रामगंगा में उफान देखते हुए कोलाघाट पर नाव संचालन पर रोक लगा दी है।
सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष को सुबह मिली सूचनाओं के अनुसार नरौरा बैराज से निकल रहे पानी की मात्रा करीब 30 हजार क्यूसेक घटकर 49077 क्यूसेक हो गई है। इस कारण कलान के भैंसार बांध पर गंगा का जलस्तर 10 सेमी घटकर 142.65 मीटर हो गया है। खो, हरेली, किच्छा, रामनगर आदि बैराजों से रामगंगा में जाने वाले पानी की मात्रा भी 9469 क्यूसेक तक सीमित होने से बरेली के चौबारी घाट से लेकर परौर क्षेत्र तक रामगंगा में भी 32 सेमी पानी कम हुआ है। बावजूद दोनों नदियां फैलाव लिए होने से उनके किनारे गांवों में रहने वाले लोग बाढ़ को लेकर आशंकित हैं और कृषि योग्य जमीनों का कटान हो रहा है।
नाव बंद होने से मिर्जापुर, कलान का संपर्क टूटा
प्रशासन ने बुधवार शाम से उफान पर आई रामगंगा के कोलाघाट पर चल रहीं नावों को सुरक्षा की दृष्टि से बंद करा दिया। लोगों को रोकने के लिए पुल के दोनो ओर घाट पर पुलिस का पहरा बैठा दिया है। इससे कलान-मिर्जापुर क्षेत्र के बाशिंदों का जलालाबाद और शाहजहांपुर जिला मुख्यालय से सीधा संपर्क टूट गया है।
पिछले वर्ष 29 नवंबर को कोलाघाट पक्के पुल का एक पिलर जमीन में धंस जाने से पुल तीन हिस्से में बंट गया था। लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद के प्रयास से क्षतिग्रस्त पुल दोबारा निर्मित कराया गया, लेकिन उसकी तकनीकी रिपोर्ट नहीं मिलने से उस पर यातायात शुरू करने की अभी अनुमति नहीं दी गई है। फिलहाल, मिर्जापुर व कलान क्षेत्र के लोग जिला मुख्यालय तक आने-जाने को कोलाघाट पर नाव से रामगंगा पार करते रहे। दोबारा आए उफान को देखते एसडीएम दशरथ कुमार ने नावों के संचालन पर रोक लगा दी है क्योंकि इससे पहले कोलाघाट पर नाव पलटने की कई घटनाएं हो चुकी हैं।
जनता की बात
बृहस्पतिवार को शाहजहांपुर की अदालत में पेशी पर हाजिर होने के लिए कोलाघाट रामगंगा पार करने गया, लेकिन वहां से पुलिस ने लौटा दिया। कोर्ट से गैरहाजिर होने पर वारंट जारी होने का डर है। -प्रेमपाल कुशवाहा, नौसारा, (मिर्जापुर)
कॉलेज के कार्य से शाहजहांपुर जाने के लिए कोलाघाट पहुंचे। तब पता चला कि सुरक्षा की दृष्टि से रामगंगा में नावों का संचालन बंद करवा दिया गया है। अब मजबूरन फर्रुखाबाद होकर जाना पड़ेगा। -शमशाद हुसैन, प्रबंधक, कालिका प्रसाद इंटर कालेज, मिर्जापुर
छोटे व्यापारी होने के कारण जलालाबाद और शाहजहांपुर से किराने का सामान सीधे ले आते थे, जिससे कुछ बचत हो जाती थी। अब अल्हागंज होकर जाने में पूरा मुनाफा किराये में चली जाएगी। -मनोज कुमार गुप्ता, किराना व्यापारी, मिर्जापुर
कलान क्षेत्र के प्राथमिक स्कूल में शिक्षण के लिए रोज जाना आना पड़ता है। कोलाघाट पुल टूटने और नाव का संचालन भी बंद होने से उन्हें 30 किमी के स्थान पर 80 किमी रोज अतिरिक्त चलना पड़ रहा है। ऋषिकांत पांडेय,शिक्षक निवासी ग्राम गुरुगवां (जलालाबाद)
सहायक अभियंता ने कटान रोकने के दिए निर्देश
परौर। रामगंगा का पानी उतार पर है, लेकिन भूमि कटान लगातार होने से नारायण नगर पश्चिमी के लोग काफी परेशान हैं। रामगंगा के तटवर्ती ग्राम मौजमपुर के झाबर से निकला बाढ़ का पानी गांव पहरुआ होते हुए हरिहरपुर की ओर जाने लगा है। सिंचाई विभाग की सहायक अभियंता नेहा वर्मा ने कटान से प्रभावित नारायणनगर पश्चिमी, मंझा, दहेलियत्ना आदि गांवों का भ्रमण किया। उन्होंने ठेकेदार को कटान वाले ठिकाने चिह्नित कर वहां बैंबू क्रेट में बालू की बोरियां लगाकर अस्थायी ठोकरें तैयार कराने के निर्देश दिए। गांव के हरिओम कुशवाहा, संजीव कुशवाहा, रामस्वरूप मुखिया, सत्यपाल, अवधेश शुक्ला आदि ने पक्की ठोकरें बनवाने की मांग की है।