अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र सिंह राठौर की ओर से चिंतन और आशीर्वाद गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ब्राह्मणों, कायस्थों, अल्पसंख्यकों समेत अन्य सवर्ण प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की। गोष्ठी में देश और समाजहित में आरक्षण खत्म किए जाने का मुद्दा छाया रहा।
हथौड़ा बुजुर्ग स्थित महाराणा प्रताप भवन में हुई गोष्ठी में क्षत्रिय समाज के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र पाल सिंह ने आरक्षण का विरोध करते हुए कहा कि अब समय की मांग को देखते हुए आरक्षण के खिलाफ समस्त सवर्ण जातियों को एकजुट हो जाना चाहिए। देश और समाज को बचाने के लिए यह बहुत आवश्यक हो गया है। ब्राह्मण समाज के जिलाध्यक्ष केशव चंद्र मिश्र ने आरक्षण का पुरजोर विरोध करते हुए कहा कि आरक्षण व्यवस्था के मेधावी युवाओं में कुंठा बढ़ रही है, उन्हें उनकी मेहनत का अपेक्षित परिणाम नहीं मिल रहा है, इसलिए आरक्षण व्यवस्था खत्म होनी चाहिए। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा राष्ट्रीय महासचिव प्यारे मोहन सक्सेना और प्रदेश महासचिव बृजेश कुमार ने आरक्षण के खिलाफ एकजुट होकर अभियान चलाने की बात रखी, जिसका सभी ने समर्थन भी किया।
नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र सिंह राठौर ने कहा कि सवर्ण जातियां अभी भी एकजुट नहीं हुईं तो हमारे युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। हम उन्हें न्याय नहीं दिला पाएंगे। इसलिए आरक्षण के खिलाफ बिगुल बजा देना चाहिए। मुकेश सिंह परिहार के संचालन में हुई गोष्ठी में बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष मनेंद्र सिंह, मोहम्मद अजीज खां, जगत पाल सिंह, वेद पाल सिंह, प्रताप सिंह राठौर, सुधीर सिंह, शरद सिंह, अरुण सिंह, विक्रम सिंह, मानवेंद्र सिंह आदि ने भी आरक्षण को समाज के लिए घातक बताते हुए इसे तत्काल खत्म किए जाने की बात कही।