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वरुण अर्जुन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य और दो डॉक्टरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज

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तिलहर (शाहजहांपुर)। बीएससी नर्सिंग की छात्रा के छत से छलांग लगाने को लेकर तिलहर इलाके के बंथरा स्थित वरुण अर्जुन (रुहेलखंड) मेडिकल कॉलेज में बुधवार को पूरे दिन अफरा तफरी का माहौल बना रहा। छात्राएं कॉलेज प्रशासन पर धमकाने का आरोप लगाकर प्रदर्शन करती रहीं जबकि मेडिकल कॉलेज प्रशासन मामले को मैनेज करने की कोशिश में लगा रहा। छात्राएं प्रशासन पर भी पक्षपात का आरोप लगा रही थीं। इस बीच पीड़ित छात्रा कल्पना की मां की ओर से मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एके शुक्ला और दो डॉक्टरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। छात्रा की मां का आरोप है कि उनसे इलाज के कागज बताकर हस्ताक्षर कराने के बाद मनमाने ढंग से रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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नेशनल हाईवे किनारे तिलहर के बंथरा गांव के पास स्थित वरुण अर्जुन मेडिकल कॉलेज में मंगलवार को बीएससी नर्सिंग की छात्रा कल्पना श्रीवास्तव ने पहली मंजिल से कूदकर आत्महत्या करने की कोशिश की थी। छात्रा का आरोप है कि उसे पांच हजार रुपये दिए जा रहे हैं। उसका हेल्थ इंश्योरेंस भी नहीं है। सेलरी बढ़ाई नहीं जा रही है और कोविड 19 अस्पताल में ड्यूटी करने का दबाव बनाया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन पर धमकाने और खाना न देने का भी आरोप है। छात्रा ने छलांग लगाने से पहले कॉलेज प्रशासन के खिलाफ एक वीडियो बनाकर भी सोशल मीडिया पर वायरल किया था। इस घटना का पता लगने पर मंगलवार देर रात छात्रा कल्पना की मां लज्जावती, भाई सूरज कुमार श्रीवास्तव और मामा कमलेश श्रीवास्तव मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। बुधवार को पुलिस ने लज्जावती की ओर से मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एके शुक्ला, सर्जन डॉ. केजी पाल और डॉ. राकेश आर्य के खिलाफ धारा 342 और 506 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली।
भाई ने लगाया धमकाने का आरोप
छात्रा की मां लज्जावती ने आरोप लगाया कि कॉलेज प्रशासन ने रात में उन्हें कल्पना से मिलने दिया था लेकिन बुधवार को उससे नहीं मिलवाया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने क्या रिपोर्ट दर्ज की है, उन्हें नहीं पता है। मेडिकल कॉलेज वालों ने उन्हें कल्पना की दवाई के पर्चे बताकर हस्ताक्षर करने को कहा था। वह पढ़ी-लिखी नहीं हैं इसलिए दवाई के कागज होने की बात सुनकर हस्ताक्षर कर दिए। आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन भी पक्षपात कर रहे हैं। छात्रा के भाई सूरज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि रात में उसे कॉलेज प्रशासन के लोग अकेले में ले गए और रिपोर्ट दर्ज न कराने को दबाव बनाया। बोले- तुम्हें जो कुछ चाहिए मिल जाएगा। यदि कुछ करोगे तो अस्पताल प्रशासन की पहुंच बहुत ऊपर तक है। तुम कहां चले जाओगे, तुम्हारा पता भी नहीं चलेगा।
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छात्राएं बोलीं- भविष्य खराब करने की मिल रही धमकी
उधर, नर्सिंग की करीब एक दर्जन छात्राएं बुधवार को कॉलेज परिसर में जमा होकर विरोध जता रही थीं। उनका आरोप था कि उन्हें कॉलेज प्रशासन लगातार धमका रहा है। रात में वे कल्पना से मिलने गई थीं लेकिन उन्हें नहीं मिलने दिया गया। ताला लगाकर उनके अंदर जाने पर रोक लगा दी गई। उनके नाम लिख लिए गए हैं। रजिस्ट्रेशन रद्द करके भविष्य बर्बाद करने की धमकी दी जा रही है। बोला जा रहा है कि तुम लोगों का कुछ पता भी नहीं चलेगा। छात्राओं का आरोप है कि प्रशासन भी उनकी मदद नहीं कर रहा है।
मां का आरोप, बेटी को अगस्त से दिया जा रहा तनाव
मां लज्जावती के मुताबिक उनकी बेटी कल्पना श्रीवास्तव 17 दिसंबर 2019 से वरुण अर्जुन मेडिकल कॉलज में काम कर रही है। 18 अगस्त 2020 से उसे मानसिक रूप से तनाव दिया जा रहा था। खाना बंद कर दिया गया था। जबरदस्ती ड्यूटी करने को बोला गया। केंद्र सरकार के बनाए मानकों की कोई सुविधा नहीं दी गई। धमकी दी जा रही थी कि उसका डिप्लोमा रद्द कर दिया जाएगा। गोली मारने की भी धमकी दी गई। कल्पना को घर भी नहीं जाने दिया गया।
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