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‘सुख-शांति के लिए सुधारें जीवन शैली’

Tue, 20 Jan 2015 11:40 PM IST
शाहजहांपुर
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ख्यातिलब्ध जैन मुनि सौरभ सागर का शहर पहुंचने पर स्वागत किया गया। वह लखनऊ से पदयात्रा लेकर यहां पहुंचे हैं। इसके बाद सरायंकाइयां स्थित जैन मंदिर में समाज के लोगोें को संबोधित करते हुए जैन मुनि ने कहा कि हर दिन इस प्रकार व्यतीत किया जाना चाहिए, जिससे रात को चैन की नींद आए और रात इस तरह बितानी चाहिए, जिससे सुबह किसी को मुंह दिखाने में शर्मिंदगी न हो।
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जैन मुनि सागर ने कहा कि सभी को अपनी जीवन शैली में सुधार करना चाहिए। अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि जवानी इस प्रकार बिताओ कि बुढ़ापे में पछताना न पड़े और बुढ़ापा इस तरह जीयो कि किसी के सामने हाथ न फैलाना पड़े। आज मनुष्य रात-दिन सुख-चैन छोड़कर धन कमाने के लिए भाग रहा है। धन के लालच में अपने स्वास्थ्य का भी उसे ध्यान नहीं है और फिर उसी कमाए हुए धन को स्वास्थ्य ठीक करने में लगा देता है। यह मनुष्य की मूर्खता है। कहा: मनुष्य को शांति से जीवन जीने का प्रयास करना चाहिए और संतोष धारण करना चाहिए।
सत्संग की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए सागर ने कहा कि संतों का संग बहुत लाभप्रद होता है। संत ही जीवन जीने की कला सिखा सकता है। इससे पूर्व प्राथमिक स्कूल जमुही पहुंचने पर राजेश जैन, मुकेश जैन, प्रदीप, मनोज, संजय, राघव, गुड्डू, विकास, हरिदास, सुधा, सरिता, राधा, अदिति, नूतन, ममता, लता, नीलू, दीपा, कुसुम आदि अनुयायियों ने आरती कर भजन गाए। इस दौरान बरेली, सीतापुर, लखनऊ आदि जनपदाें के रमेश, मनोज, बल्ली, अनिल, अतुल, रोहित, सुरेंद्र आदि अनुयायी भी मौजूद रहे।
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