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इस्लाम की तालीम वाले दिल नहीं दुखाते: मंजरी

Thu, 08 Jan 2015 12:16 AM IST
शाहजहांपुर
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मोहल्ला महमंद जलालनगर में जलसा-ए-ईद मीलादुन्नबी का आयोजन हुआ। जलसे को खिताब करते हुए शहर पेश इमाम मौलाना हुजूर अहमद मंजरी ने कहा कि इस्लाम अमन व मसावात का मजहब है। इस्लाम की तालीमात पर अमल करने वाले कभी किसी का दिल नहीं दुखाते हैं।
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सपा जिलाध्यक्ष एवं चेयरमैन तनवीर खां की ओर से आयोजित जलसे में पेश इमाम ने कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम ने लोगों को अल्लाह का पैगाम दिया और दीन-ए-इस्लाम की दावत दी। आज के दिन मुसलमानों को इस बात का अहद करना चाहिये कि वह सभी के साथ इंसानी दोस्ती से पेश आएं। रामपुर के मौलाना गुलफामम रजा ने कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम की हयात हमारे लिए नमूना है, कि हमें किस तरह से इस दुनिया में रहना चाहिए। कुरआन और हदीस के मुताबिक जो अमल किया जाएगा, उसको अल्लाह तआला अपनी बारगाह में मकबूल करेगा। दावत-ए-इस्लामी के जिला निगरां हाफिज अनीस अत्तारी और कछौछा के मौलाना सिद्दीक अहमद ने भी पैगम्बर-ए-इस्लाम की हयात-ए-तैयबा पर रोशनी डालते हुए लोगों से नेकी और भलाई के रास्ते पर चलने पर जोर दिया।
जलसे का आगाज तिलावते कुरआन-ए-पाक से किया गया। मकबूल शैदा, आरिफ कादरी व तौसीफ रजा ने नात पेश की। मौलाना अनीस अतहर ने संचालन किया।  जलसे  में पालिकाध्यक्ष तनवीर खां, मोहम्मद अहमद खां, तौकीर खां पप्पी, अनवर सईद खां, मौलाना जाबिर, सैयद मसूद आदि उपस्थित रहे।
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