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बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंची राहत-बचाव सामग्री

Sun, 13 Aug 2017 11:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शाहजहांपुर
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नरौरा बैराज से तीन दिन से लगातार भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने से गंगा उफान पर है। नदी के पेटे से बाहर बहने से आसपास के गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। इस बीच, रविवार को सुबह नरौरा से 1.94 लाख क्यूसेक पानी फिर छोड़ा गया। इससे गंगा के साथ रामगंगा घटने के कोई आसार नहीं हैं। स्थिति गंभीर देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों की बाढ़ चौकियों पर राहत और बचाव सामग्री पहुंचा दी है। 
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सिंचाई विभाग से मिली सूचनाओं के अनुसार भैंसार बांध पर 24 घंटे की तुलना में गंगा का जलस्तर 12 सेमी कम होकर 142.70 मीटर रह गया है, लेकिन कछला घाट के आसपास नदी पांच सेमी बढ़कर 163.75 मीटर पर बह रही है। इसी तरह रामगंगा बरेली के चौबारी घाट पर आठ सेमी नीचे आ गई है, लेकिन जलालाबाद और मिर्जापुर क्षेत्र के कई गांवों के अस्तित्व के लिए खतरा बनी हुई है। 
बाढ़ नियंत्रण कक्ष को प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार बारिश से क्षेत्रीय नदियों में उफान बढ़ रहा है। कंट्रोल रूम प्रभारी/तार बाबू गिरिजा किशोर मिश्र के अनुसार बीते दिन की तुलना में गर्रा 65 सेमी बढ़कर 145.10 मीटर और खन्नौत पांच सेमी बढ़ोत्तरी के साथ 143.30 मीटर पर बह रही है। उन्होंने बताया कि रामनगर समेत ड्यूनी, हरेली, खो, हरेली, किच्छा आदि बैराजों से पानी का फ्लो बढ़ने से नदियां चढ़ने के संकेत हैं।
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इधर, प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते जरियनपुर, कुनियां, हरिहरपुर, पहरुआ, पलिहुरा, हुलासनगरा, घनश्यामपुर, लोहारगढ़ी आदि गांवों की बाढ़ चौकियों पर दवाओं और खाद्य सामग्री के पैकेट सहित सर्चलाइट, लाइफ जैकेट, मेगाफोन, फोल्ड होने वाले स्ट्रेचर, फर्स्ट एड किट, सेफ्टी हेलमेट आदि सामग्री भिजवा दी है। बाढ़ चौकियों के स्टाफ को अलर्ट रहने को कहा गया है।
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