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किसानों को सम्मान निधि मिलने में आड़े आईं पंजीकरण की खामियां

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शाहजहांपुर। पंजीकरण की खामियों और लिपिकीय त्रुटि के चलते प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से हजारों किसान वंचित हो गए हैं। इसके तहत केंद्र सरकार ने अब तक कुल 305.54 करोड़ रुपये की धनराशि किसानों के खाते में भेजी है। मगर हर किश्त में सम्मान निधि पाने वाले किसानों की संख्या लगातार घटती जा रही है। बता दें कि दो हेक्टेयर और इससे कम जोत वाले लघु सीमांत किसानों को इस योजना का लाभ मिलना था लेकिन हजारों किसानों को अब इसके लिए भटकना पड़ रहा है।
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जिले में कुल 4,09,052 किसान हैं, जिनमें से लघु एवं सीमांत श्रेणी के 3,86,211 किसान पहले चरण में इस योजना का लाभ देने के लिए शामिल किए गए थे। इसके बाद दूसरी किश्त के रूप में 3,56,807 किसानों को 71.36 करोड़ रुपये भेजे गए। तीसरी किश्त के 67.23 करोड़ रुपये 3,36,182 किसानों को मिले। चौथी किश्त के 50.81 करोड़ रुपये 2,54,056 किसानों को मिले। मगर अप्रैल में जब पांचवीं किश्त भेजी गई तो किसानों की संख्या 1,94,527 और धनराशि सिर्फ 38.90 करोड़ रुपये रह गई। बता दें कि इस योजना के तहत पांच सौ रुपये प्रतिमाह की दर से चार माह की एक किश्त के तौर पर किसानों को दो-दो हजार रुपये की पांच किश्तें उनके बैंक खातों मेें ट्रांसफर की जानी हैं। मगर हर किश्त में पात्र किसानों की संख्या लगातार घट रही है। जबकि योजना की पात्रता शर्तोें के चलते लघु और सीमांत श्रेणी के लगभग 19 हजार किसानों को पहले ही इस योजना के दायरे से बाहर किया जा चुका है, जिनके परिवार में कोई चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है अथवा परिवार के किसी सदस्य की मासिक पेंशन दस हजार रुपये से अधिक है।
किसान निधि फंसी तो ऐसे करें समाधान
कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि निधि न मिलने का कारण पंजीकरण में नाम, आधार नंबर और बैंक खाता गलत फीड होना भी हो सकता है। इसके लिए संबंधित किसान आधार कार्ड और बैंक पासबुक की छाया प्रति विभाग को प्रस्तुत कर सकते हैं। अन्य कृषक के खाते मेें धनराशि जाने पर पासबुक की कलर छाया प्रति स्वयं प्रमाणित कर जमा करनी होगी। लाभार्थी का संयुक्त खाता होने, खाता नंबर एवं आधार कार्ड में नाम भिन्नता होने, पंजीकरण मेें अन्य कृषक का खाता नंबर लिखे जाने और पोर्टल देखने पर चरणबद्ध प्रदर्शित होने पर भी आधार एवं बैंक पासबुक की छाया प्रति जमा करनी होगी। इसके अलावा यदि किसी किसान ने स्वयं अथवा जनसेवा केंद्र पर पंजीकरण कराया हो और वह पोर्टल पर लंबित प्रदर्शित हो रहा है तो संबंधित किसान आधार, बैंक पासबुक और खतौनी घोषणा पत्र लेखपाल से प्रमाणित कर जमा करें। इसी तरह भूमि के रकबा मेें त्रुटि भी सम्मान निधि भुगतान मेें रोड़ा बन सकती है और इसमें संशोधन के लिए तहसील पर संपर्क करना होगा।
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सम्मान निधि की पहली किश्त गत वर्ष लोकसभा चुनाव से ठीक पहले जारी की गई और उस वक्त जो कमियां नहीं देखी गईं, वे अब हर किश्त के भुगतान से पहले पकड़ में आ रही हैं। पात्रता के बावजूद जिन किसानों को अगली किश्तें नहीं मिल सकीं, वे संबंधित ब्लॉक मुख्यालयों के राजकीय बीज भंडार पर इसी काम के लिए नियुक्त किए गए कर्मचारियों से संपर्क कर अपने पंजीकरण में संशोधन करा सकते हैं। - अनिल कुमार तिवारी, उप कृषि निदेशक
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तीन किश्तों के बाद सम्मान निधि मिलनी बंद हो गई। बैंक खाता और आधार कार्ड दोबारा कृषि बीज भंडार पर जमा करने के बाद भी चौथी किश्त नहीं आई है।
- नंद किशोर, मिर्जापुर
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पिछले साल दो किश्तों में 4000 रुपये मिले थे। तब से राजकीय कृषि बीज भंडार के कई चक्कर लगाने के बाद भी तीसरी किश्त नहीं आई।
- धीरज कुमार उर्फ कल्लू, मिर्जापुर।
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किसान सम्मान निधि के सभी कागज जमा कर दिए थे, लेकिन अभी तक एक भी किश्त नहीं मिली है। सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत करने का कोई लाभ नहीं मिला।
- हरि सिंह, ग्राम आलमगंज, मिर्जापुर
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कृषि बीज भंडार में सभी कागज जमा कर दिए थे, फिर भी किसान सम्मान निधि नहीं मिल रही है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत का फर्जी निस्तारण कर दिया गया।
- जान मोहम्मद, ग्राम कुतलूपुर, मिर्जापुर
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