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20 लाख से कम टर्नओवर वाले पंजीयन दायरे से बाहर

Fri, 30 Jun 2017 12:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शाहजहांपुर
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जीएसटी के विरोध में पनप रहीं भ्रांतियों को दूर करने के लिए बृहस्पतिवार को प्रशासन ने उद्यमियों के साथ बैठक की और उनकी शंकाओं का समाधान किया। इस अवसर पर मीडियाकर्मियों को भी विस्तृत जानकारी दी गई। इस मौके पर व्यापार कर विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे और उन्होंने जीएसटी के तहत लगने वाले टैक्स और रजिस्ट्रेशन संबंधी जानकारी दी। 
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विकास भवन सभागार में प्रभारी डीएम/सीडीओ टीके शिबु ने मीडियाकर्मियों को बताया कि जीएसटी में 17 प्रकार के इंन्डायरेक्ट करों को समाहित किया गया है, जिसमें मुख्य रूप से केंद्रीय उत्पाद शुल्क, सर्विस टैक्स, मूल्य संवर्धित कर, प्रवेश कर, केंद्रीय बिक्रीकर, मनोरंजन कर, लग्जरी टैक्स, परचेज टैक्स, एडीशनल एक्साइज डियूटी, एडीशनल कस्तम डियूटी समेत सभी प्रकार के सेस और सैट करों को समाहित किया गया है। इससे व्यापारियों को बहुत लाभ होगा। 
इस अवसर पर व्यापार कर उपायुक्त अमित मोहन ने बताया कि जीएसटी में 20 लाख से कम टर्नओवर वाले व्यापारियों को पंजीयन के दायरे से बाहर रखा गया है, ऐसे व्यापारियों को रजिस्ट्रेशन कराना आवश्यक नहीं है। जीएसटी को आजादी के बाद से सबसे बड़ा आर्थिक सुधार के रूप में देखा जा रहा है। इसके लागू होने से जीडीपी में एक से दो प्रतिशत तक की वृद्धि संभावित है। 
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उन्होंने बताया कि दो से पांच करोड़ तक की टैक्स चोरी को ही संज्ञेय अपराध माना गया है, जिसके तहत गैर जमानती वारंट जारी किया जा सकता है। इसमें व्यापारियों को भ्रमित होने की जरूरत नहीं है। फार्म सी भरने की तिथि 30 सितंबर कर दी गई है। इस अवसर पर एडीएम वित्त एवं राजस्व सर्वेश कुमार, व्यापार कर विभाग के मंडलीय और स्थानीय अधिकारियों के अलावा उद्योगपति रामचंद्र सिंघल, सुरेश सिंघल, विनोद अग्रवाल, हितेश अग्रवाल, रवि गोयल समेत बड़ी संख्या में उद्योगपति, व्यवसाई और मीडियाकर्मी मौजूद रहे।
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