फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ration Card E-KYC: केवाईसी में फंसा एक लाख लोगों का राशन, कोटेदार और पूर्ति विभाग के लगा रहे चक्कर

Thu, 15 May 2025 06:27 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर

सार

Ration Card E-KYC Update: शाहजहांपुर जिले में करीब एक लाख राशनकार्ड धारकों को सरकारी राशन नहीं मिल रहा है। इसकी वजह है ई-केवाईसी न होना। किसी के आधार कार्ड में नाम गलत है तो किसी का पता, जिसकी वजह से केवाईसी नहीं पा रही है। 
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

शाहजहांपुर जिले में केवाईसी नहीं कराने से एक लाख लोगों को सरकारी राशन नहीं मिल रहा है। तमाम लोगों के नाम बिना वजह राशन कार्ड से हटा दिए गए हैं। लोग कोटेदार से लेकर पूर्ति विभाग के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या का हल नहीं निकल रहा है। 

विज्ञापन

 
जिले में पांच लाख 68 हजार कार्ड धारक हैं। इनमें कुल यूनिट 21.50 लाख है। पूर्ति विभाग के मुताबिक, वर्तमान में 18 लाख से अधिक लोगों की केवाईसी हो चुकी है। यह करीब 82 प्रतिशत हैं। इसमें एक लाख कार्डधारक ऐसे हैं, जिनके आधार कार्ड में त्रुटि होने की वजह से केवाईसी नहीं पा रही है। इसमें या तो कार्डधारक का नाम गलत है या फिर पता। इस वजह से पॉश मशीन पर सत्यापन नहीं हो पा रहा है। इस कारण इनकों राशन नहीं मिल पा रहा है।

यह भी पढ़ें- UP: इस जिले में मार्शल आर्ट सीख रहीं 'लेडी कमांडो', IPS अंशिका वर्मा के निर्देशन में अपराध पर करेंगी प्रहार
विज्ञापन

  
पूर्ति विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, रिकॉर्ड से करीब 50 हजार यूनिट लापता हैं। ये वे लोग हैं, जो या तो दूसरे शहरों में बस गए हैं व दूसरी जगह से राशन कार्ड बनवा लिया है। ऐसे लोगों के पोर्टल के माध्यम से नाम स्वयं हट गए हैं। कुछ लोग कई माह तक राशन नहीं लेते हैं। इस वजह से भी कार्ड निष्क्रिय हो गए हैं। कुछ कार्ड बैंक से तीन लाख से अधिक के लेन-देन करने पर अपात्र मानते हुए निरस्त कर दिए गए। ऐसे कार्डधारक कार्यालय पहुंच रहे हैं।

राशनकार्डधारकों की परेशानी 
घूरन तलैया निवासी ओमवती ने कहा कि हमारे राशनकार्ड पर चार यूनिट चढ़े हुए थे। इसमें पति, दो बेटों के नाम शामिल थे। छह माह पहले दो बेटों के नाम काट दिए गए। अब दो यूनिट पर मिलने वाले राशन से गुजारा नहीं हो रहा है। दलेलगंज की नन्हीं वर्मा ने कहा कि कार्ड पर चार यूनिट थे। करीब एक साल पहले जब दुकान पर राशन लेने गए तो पता चला कि राशनकार्ड निरस्त कर दिया गया है, तब से कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। 

चमकनी की आमना बेगम ने कहा कि राशनकार्ड हमारे नाम है। भाई का नाम कार्ड में चढ़वाया था। ऑनलाइन कार्ड पर नाम चढ़ गया है, लेकिन विभाग के कंप्यूटर पर नाम दिखाई नहीं दे रहा है। वर्कजई प्रीति वर्मा ने कहा कि नौ वर्ष के बेटे का छह माह पहले राशनकार्ड से नाम काट दिया गया है। विभाग के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अभी तक नाम जुड़ नहीं पाया है। अब सिर्फ दो यूनिट का राशन मिल रहा है। 
विज्ञापन

मृत्यु होने पर 14 हजार यूनिट काटे गए 
विभाग के अधिकारियों के केवाईसी कराए जाने के दौरान 14 हजार राशन लेने वाले लोग मृत पाए गए। उनके परिवार वालों से संपर्क किया गया। इसमें मृत्यु प्रमाणपत्र जमा कराया गया है। अभी और लोगों के भी मृत होने की संभावना है।  

जिला पूर्ति अधिकारी चमन वर्मा ने कहा कि राशन कार्ड केवाईसी का कार्य चल रहा है। इसमें एक लाख यूनिट आधार कार्ड में कमी की वजह से फंसे हुए हैं। 50 हजार लोग ऐसे हैं, जिनके तकनीकी कारणों की वजह से नाम कट गए हैं।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें