शाहजहांपुर। सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता किशोरी लखनऊ के केजीएमयू में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही है। बुधवार रात से पीड़िता को होश नहीं आया है। आर्थिक तंगी के कारण परिवार के पास इलाज कराने के लिए रुपये नहीं हैं। मां के मुताबिक कुछ लोगों ने उस पर रुपये लेकर समझौते का दबाव बनाया, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। बेटी को इस हाल में पहुंचाने के जिम्मेदारों को पूरी जिंदगी जेल में देखना चाहते हैं।
थाना अल्हागंज क्षेत्र में मंगलवार की शाम झोलाछाप रामबाबू और उसके साथी अक्षय कुमार ने 14 वर्ष की किशोरी के साथ दुष्कर्म किया था। खून बहने से किशोरी की हालत बिगड़ गई थी। बुधवार को हालत गंभीर होने पर किशोरी को राजकीय मेडिकल कॉलेज से लखनऊ रेफर कर दिया था। रात करीब आठ बजे माता-पिता बेटी को लेकर लखनऊ के अस्पताल पहुंचे। मां के मुताबिक सबसे पहले पर्चा बनवाने के लिए इधर-उधर काफी दौड़ाया गया।
इसी में करीब दो घंटे बरबाद हो गए। इसके बाद किशोरी को भर्ती किया गया। मां के मुताबिक अलग-अलग जांचों के लिए रुपये देने पड़ रहे हैं, वह बहुत गरीब है। जब बेटी को रेफर किया था, उस समय वह उधार सात हजार रुपये लेकर लखनऊ आए थे। यहां पर ऑपरेेशन के भी रुपये देने हैं। उनके पास रुपये खत्म हो चुके हैं। मां ने रोते हुए बताया कि गांव के कुछ लोगों ने उन पर रुपये लेकर समझौते का दबाव डाला था।
बेटी की हालत देखकर वह सिर्फ आरोपियों को उनकी करनी की सजा दिलाना चाहती है। इसलिए उन लोगों की एक न सुनकर वह सीधे थाने पहुंची थीं। जहां पर पुलिस ने उनकी काफी मदद की थी। मां के मुताबिक उसकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। अब कुछ समझ नहीं आ रहा है कि इलाज के लिए रुपये कहां से लेकर आएंगे। पुलिस ने आरोपी रामबाबू और उसके साथी अक्षय को बुधवार को ही सुबह क्षेत्र के हुल्लापुर चौराहा के पास से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।