बता दें कि 10 फरवरी को रधौली थाना सिंधौली की एक महिला से मोबाइल पर अश्लील बातें करने को लेकर महिला के अतरंग साथी नन्हें दीक्षित निवासी कोटावारी अपने गांव के चालक अन्नू तिवारी, अजय जाटव और रामलखन को अपनी बोलेरो गाड़ी से लेकर लोधीपुर आए थे। बात बढ़ने पर हत्यारों ने गोली मार कर रामलखन की हत्या कर दी थी । घटना की रिपोर्ट मृतक की पत्नी कुसुम ने घटना के वक्त लिये गए नाम अमित गुप्ता और कल्लू चाचा के आधार पर दर्ज कराई थी। जबकि वास्तविकता यह थी की कोई भी हत्यारों को पहचानता तक नहीं था। पुलिस ने जब अमित गुप्ता के परिवार पर शिकंजा कसना शुरू कर मोबाइल सर्विलांस पर लगाया तो पता चला कि बातचीत में उपयोग किया गया मोबाइल अमित गुप्ता निवासी पोस्ती पाकड़ की चाची रानी गुप्ता के नाम था, जिसका उपयोग उसका बेटा शानू करता था। रधौली की महिला से अश्लीलता भरी बातें करने की बात भी अमित के नाम से शानू ही करता था। रविवार की दोपहर प्रभारी निरीक्षक रूपेंद्र गौड़ ने हथौड़ा चौराहे से शानू गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है। शानू ने पुलिस को बताया कि नशे में होने के कारण बात बढ़ने पर उसके साथी रीतेश यादव निवासी बिसरात मार्ग थाना कोतवाली के साथ मिलकर गोली चलाई थी जिसमें रामलखन बेवजह मारा गया है।
घटना मे नामजद कराये गये आरोपी अमित गुप्ता और कल्लू चाचा के विरूद्ध अभी तक कोई साक्ष्य नही मिले है अभी विवेचना जारी है और रीतेश यादव की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे है।
रूपेंद्र गौड़, प्रभारी निरीक्षक रोजा