विनोबा सेवा आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित कुलपति पीबी सिंह व अन्य। स्रोत: आश्रम
शाहजहांपुर। विनोबा सेवा आश्रम और विनोबा विचार प्रवाह परिवार के संयुक्त तत्वावधान में रामहरि की 52वीं जयंती समारोह गरिमामय माहौल में मनाई गई। मुख्य अतिथि नेशनल एक्सप्रेस प्रकाशन समूह के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष भारतीय मतदाता संगठन विपिन गुप्ता ने राष्ट्र निर्माण में वैचारिक शुद्धता के महत्व पर प्रकाश डाला। स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पीबी सिंह ने कहा कि रामहरि से अनंत कार्यों की संभावनाएं बनती हैं। विनोबा भावे ने 25 अगस्त 1974 को अपने हस्ताक्षर विनोबा के स्थान पर रामहरि करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया था।
मुख्य वक्ता डॉ. सुजाता चौधरी ने विनोबा के स्त्री शिक्षा, ग्राम स्वराज और भूदान आंदोलन संबंधी विचार रखे। डॉ. अनुराग अग्रवाल ने युवाओं को वैचारिक क्रांति से जोड़ने पर जोर दिया। कार्यक्रम में प्रो. पीबी सिंह को विनोबा आचार्यकुल सम्मान और डॉ. सुजाता चौधरी को विनोबा रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया। विनोबा विचार प्रवाह के सूत्रधार रमेश भइया ने आगामी एक वर्ष में सवा करोड़ रामहरि जाप का संकल्प लिया। अध्यक्षता संजय राय ने की। संवाद