मिर्जापुर। बाढ़ उतरने के बाद रामगंगा नदी में तेजी से बह रहा पानी किनारे की जमीनों को काट रहा है। दो दिन में 50 बीघा से ज्यादा कृषि भूमि कट कर नदी में समाने के बाद अब मुख्य धारा गांव के बिल्कुल करीब संपर्क मार्ग तक पहुंच गई है। गांव के मुख्य मार्ग को बचाने के लिए सिंचाई विभाग ने कटान वाले हिस्सों में बंबू क्रेट लगाकर उसमें ईंट से भरे जियो बैग डालने का काम मंगलवार से शुरू कर दिया।
बाढ़ उतरने और पानी कम होने के बाद नदियों के तटीय इलाकाें में भूमि कटान कोई नई बात नहीं है। अब तक रामगंगा के कटान से परौर क्षेत्र में मोहनपुर, बिचपुरी, नारायणनगर, दहेलिया आदि गांव प्रभावित होते रहे, लेकिन इस बार रामगंगा से हो रहे कटान ने विकास खंड के तटवर्ती गांव पहाड़पुर को अपने निशाने पर ले लिया है।
पहाड़पुर गांव के लोगों को हर वर्ष बाढ़ से फसलों का भारी नुकसान उठाना पड़ता है, इस बार नदी कटान करते हुए गांव की ओर बढ़ चली है। रामगंगा का बहाव गांव की आबादी के पास होने लगा है। कई घरों से नदी का फासला मात्र कुछ मीटर रह गया है। जमीनें काटते हुए नदी का पानी संपर्क मार्ग के करीब आ चुका है।
नदी से हो रहे कटान से ग्रामीणों का सुख-चैन छिन गया है। उनमें कटान से खेत और घर नष्ट होने की दहशत है। रामगंगा पहले भी ब्लॉक क्षेत्र के कई गांवों का अस्तित्व मिटा चुकी है और बेघर हुए तमाम लोग दिल्ली समेत कई बड़े शहरों में मेहनत-मजदूरी कर जीवन यापन कर रहे हैं।
पहाड़पुर के विजेंद्र सिंह का कहना है परिजनों में डर बना हुआ है कि पता नहीं नदी किस समय सब कुछ खत्म कर दे। शिवलाल के अनुसार फसलों समेत जमीन को नदी पहले ही छीन चुकी है और अब उनका मकान भी कटान के निशाने पर आ गया है।
इसी गांव की धनवती ने सुबकते हुए कहा कि नदी ने पहले ही सब कुछ खत्म कर दिया और अब घर नहीं बचा तो जीवन बिताना कठिन हो जाएगा। गांव की संगीता, रामवती, रामवहादुर, प्रताप सिंह, खुशीराम, आदि ने प्रशासन से कटान रोकने की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की है।
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जेई ब्रजेश पाल के साथ सोमवार को कटान का स्थलीय जायजा लिया है। ड्रोन के जरिये कटान वाले अन्य कई क्षेत्र भी देखे गए हैं। कटान वाले स्थानों पर फौरी बचाव के लिए बंबू क्रेट बनाकर उनमें ईंट से भरे जियो बैग डालने का काम शुरू करा दिया गया है। संपर्क मार्ग को कटान से बचाने के लिए लोनिवि के अभियंताओं से बात की जा रही है।
-नेहा वर्मा, सहायक अभियंता, सिंचाई विभाग (शारदा नहर खंड)
मिर्जापुर के ग्राम पहाड़पुर चिकटिया में रामगंगा नदी से हो रहे भूमि कटान वाले हिस्से में भराव के