शाहजहांपुर के खलीलशर्की मोहल्ले में रमजान का चांद देखने की कोशिश करते लोग। संवाद
शाहजहांपुर। बरकतों व रहमताें वाले महीने रमजान के चांद का बुधवार रात दीदार हो गया। देर रात चांद देखे जाने की पुष्टि होने के बाद मस्जिदों से एनाउंस कर जानकारी दी गई। बृहस्पतिवार को पहला रोजा होगा।
सऊदी अरब में मंगलवार की शाम को चांद दिखाई देने के बाद बुधवार को मगरिब की नमाज के बाद लोग चांद देखने के लिए छतों पर पहुंचे। बादल होने के चलते लोगाें को चांद नहीं दिखाई दिया तो मायूसी हाथ लगी। इस बीच लखनऊ और दिल्ली से चांद दिखाई देने की सूचनाएं आती रहीं। जिला स्तर से चांद नजर आने का एलान नहीं होने के चलते अधिकतर मस्जिदों में तराबीह की नमाज नहीं हो सकी।
रात करीब नौ बजे बरेली से चांद दिखने की तस्दीक होने के बाद शाहजहांपुर में मस्जिदों से एलान किया गया। इसके बाद बाजारों में चहल-पहल बढ़ गई। लोग सहरी के लिए दूध, बिस्कुट, खजूर, फल, सिंवई, फेनी आदि की खरीदारी करने के लिए निकल पड़े। शहर काजी सैयद सैफ हसन ने बताया कि बृहस्पतिवार को पहला रोजा होगा।
रमजान का पहला अशरा यह पैगाम देता है कि हम अपने दिल को नफरत, बुराई और गलत आदतों से पाक करें। ज्यादा इबादत, तिलावत-ए-कुरान और जिक्र-ओ-अजकार में मशगूल रहें। यह महीना सब्र, शुक्र और हमदर्दी का महीना है। रोजा सिर्फ भूख-प्यास से रुकने का नाम नहीं, बल्कि आंख, ज़ुबान और दिल को भी गुनाहों से बचाने का सबक देता है।