शाहजहांपुर। भाई-बहनों के प्रेम और समर्पण का पर्व रक्षाबंधन सोमवार को मनाया जाएगा। इसको लेकर रविवार को बाजारों में खरीदारी के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। बहनों ने जहां अपने भाइयों के लिए राखियां खरीदीं तो भाई उनके लिए उपहार खरीदने के लिए पहुंचे। इसके साथ ही मिठाई की दुकानों पर भी भीड़ देखी गई।
शहर के सदर बाजार, बहादुरगंज में सजी राखी की दुकानों पर खासी भीड़ देखी गई। बहनों ने सबसे ज्यादा राखियां मोतियों से पिरोई हुई खरीदीं। जलालनगर, घंटाघर, मालखाना मोड़, चौक, केरूगंज, बरेली मोड़ आदि स्थानों पर भी राखियों की दुकानें लगी थीं, जिन पर रेशम और सूत के धागे से बनीं राखियां खरीदीं। बच्चों को डोरेमॉन, छोटा भीम जैसे कार्टून वाली राखियां पसंद आईं।
नए-नए डिजाइन में आईं चांदी की राखियों की भी खूब मांग हुई। सराफा बाजार में महिलाएं अपने भाइयों के लिए चांदी की राखी खरीदने पहुंची, जोकि 150 से 1500 रुपये तक बिकी।
गिफ्ट पैक की सबसे ज्यादा हुई बिक्री
-रक्षाबंधन पर बहनों कोउपहार देने के लिए भाइयों ने सबसे ज्यादा खरीदारी गिफ्ट पैक खरीदे। इनमें चॉकलेट, नमकीन आदि खाने-पीने के की वस्तुएं, कॉस्मेटिक का सामान आदि रहा। भाइयों ने बहनों को उपहार में देने के लिए मोबाइल, लैपटॉप, स्कूटी भी खरीदी। हालांकि अधिकांश भाई अपनी बहनों को राखी बांधने के बाद दक्षिणा देंगे।
मिठाई विक्रेताओं ने भी की तैयारी
-बहनें अपने भाइयों को राखी बांधने के साथ ही मिठाई खिलाकर मुंह मीठा कराती हैं। इसको ध्यान में रखकर शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में मिठाई विक्रेताओं ने पहले से तैयारी कर ली है। रविवार को दोपहर बाद बाजार में दुकानें सजने लगीं। शाम से ही मिठाई की खरीदारी के लिए लोगों का पहुंचना भी शुरू हो गया। विक्रेता राधेश्याम ने बताया, मिक्स मिठाई 280 से 1000 रुपये किग्रा तक है। शुभ मुहूर्त दोपहर के बाद का होने से सोमवार सुबह अधिक खरीदारी होने की संभावना है।
शुभ मुहूर्त दोपहर 1:25 बजे के बाद
भद्रा का साया होने के कारण सोमवार को रक्षाबंधन पर सुबह से राखी नहीं बांधी जा सकेगी। राखी बांधने का शुभ मुहूर्त दोपहर 1:25 बजे के बाद है। उससे पहले भद्रा लगी रहेगी। चौक स्थित दुर्गा माता मंदिर के पुजारी अरुण कुमार शुक्ल के अनुसार, भद्रा 18 अगस्त को रात 1:21 बजे से शुरू होकर 19 अगस्त को दोपहर 1:25 तक रहेगी। राखी बांधने का शुभ मुहूर्त 19 अगस्त को दोपहर 01:25 के बाद से लेकर रात 9:07 तक रहेगा। भद्राकाल में राखी बांधना शुभ नहीं है, इसलिए उसके बाद ही बहनें अपने भाइयों को रक्षासूत्र बांधें।