जीएफ कालेज के जंतु विज्ञान विभाग में डॉ. सालिम अली खां जूलॉजिकल सोसाइटी की ओर से वन्य जीव सप्ताह-2016 के तहत विभिन्न कार्यक्रमोें की मंगलवार से शुरुआत कर दी गई। पहले दिन आयोजित विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने वन्य जीवों के संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए जन सामान्य में इस मुद्दे पर जागरूकता लाए जाने पर बल दिया।
इस अवसर पर कानपुर से आए छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक वीपी सिंह ने कहा कि मानव ने निजी स्वार्थों की पूर्ति के लिए वन्य जीवों के क्षेत्र को फसलों से घोर लिया। इसी वजह से बाघ, तेंदुआ, जंगली सुअर आदि जंतुओं और मनुष्यों के बीच टकराव बढ़ रहा है। कुछ दशक पहले तक नैनीताल के जिम कार्बेट पार्क से लेकर दुधवा नेशनल पार्क तक बाघों के लिए सुरक्षित आवास था, लेकिन उसे मानवीय गतिविधियों ने अस्त-व्यस्त कर दिया है।
मुख्य वक्ता वीपी सिंह ने कहा कि बाघों का आवास पुर्नस्थापित करने के लिए डब्ल्यूडब्ल्यूएफ ने तराई आर्क योजना शुरू की है, लेकिन उसकी सफलता मानव समाज में वन्य जीवों के प्रति जागरूकता पर निर्भर करेगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. जमील अहमद ने कहा कि वन्य जीव संरक्षण में छात्र-छात्राएं सकारात्मक भूमिका निभाएं।
प्रारंभ में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर अकील अहमद ने वन्य जीव सप्ताह पर कार्यक्रमों की श्रंखला का शुभारंभ करके जागरूकता गोष्ठी को गति दी। इस अवसर पर डॉ. फरोग खुमार, डॉ. अरीब अंजुम रहमान, डॉ. अरशद अली, डॉ. मो. शोएब, डॉ. एसपी सिंह, डॉ. राजेश कुमार, शबीना परवीन, डॉ. स्वप्निल यादव, डॉ. नईमुद्दीन सिद्दीकी, डॉ. अबुल हसनात आदि उपस्थित रहे।