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बारिश में नहीं बचेगा अनाज

Wed, 06 May 2015 12:00 AM IST
खेड़ा बझेड़ा।
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गांव में बनी सहकारी संघ की बिल्डिंग जर्जर अवस्था में है। इसमें बने दो गोदाम की छत ध्वस्त हो चुकी है। बचे दो गोदाम की छतों का प्लास्टर छूट चुका है। दीवारों में दरारें पड़ गई है। बरसात में पानी आने से अनाज खराब हो जाता है। पिछले साल जब गेहूं बोने के लिए नवंबर में निकाला गया तो वह सड़ा हुआ था। किसानों द्वारा सचिव से पूछने पर बताया गया कि बिल्डिंग की छत खराब है इसीलिए पानी आ जाता है। इस पर किसानों ने विरोध किया, लेकिन उन्हें समझा बुझाकर शांत कर दिया गया।
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बता दें कि सहकारी संघ किसानों के लिए अक्तूबर और नवंबर में गेहूं वितरित करती है। इसके बदले किसान फसल होने पर सवाया गेहूं संघ को वापस करते हैं। अब किसान अपना गेहूं रखने से भी डरते हैं। जब उन्हें फसल बोने के समय बीज की जरूरत होती है, तब उन्हें सड़ा गेहूं मिलता है। संघ से शुरुआत में 52 गांव जुड़े थे जो अब घट कर 22  रह गए हैं। खेड़ा रठ, बझेड़ा भगवानपुर, मरुआझाला, जल्लापुर, सुरजुपुर, नवादा ताहरपुर, अगरोली, मरेना, पिटरहाई आदि के किसानों की फसल तबाह तो हो चुकी है, वह संघ का कर्ज चुकाने की हालत में नहीं है, लेकिन तमाम किसान इस डर से अपना गेंहू नही जमा कर रहे है कि संघ में खराब हो जाएगा। संघ की सुरक्षा भी खतरे में ही है। बाउंड्री दीवार भी खस-खस कर गिर चुकी है। चौकीदार गणपति का कहना है कि बाउंड्री ध्वस्त होने के कारण चोरों का डर बना रहता है। गेहूं भंडार के समय जान माल का खतरा बना रहता है। संघ के सचिव विनोद कुमार और अध्यक्ष वीकेश यादव का कहना है कि छत खराब हो चुकी है। बिल्डिंग बनवाने के लिए शासन को दो बार प्रस्ताव भेजा जा चुका है। नाप जोख भी दो बार हो चुकी है, लेकिन मंजूरी अभी तक नहीं मिल सकी है।
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