शाहजहांपुर। दो दिन की बारिश ने सीवर लाइन की खोदाई के बाद पहले से खराब सड़कों की सूरत और खराब कर दी। जगह-जगह जलभराव और कीचड़ से पैदल चलना तक दूभर हो गया, लेकिन अफसर जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ रहे हैं।
शुक्रवार आधी रात से रुक-रुककर बारिश हो रही है। ऐसे में शहर की प्रमुख सड़कों के साथ गलियों में तक निकलना मुश्किल है। रविवार को लोग जरूरी काम के लिए ही घरों से निकले। इस वजह से बाजार में कई बार तो सन्नाटा रहा। अंटा रोड पर डॉ. गेरा अस्पताल के पास वाली गली में सीवर लाइन डालने के नाम पर खोदाई की गई थी, जहां बारिश के बाद सड़क की हालत बिल्कुल खराब हो गई। बहादुरगंज, टाउनहाल और खिरनीबाग की प्रमुख सड़कों के साथ गलियों का भी बुरा हाल है। बहादुरगंज पचराहा पर 15 दिन पहले सीवर का चैंबर लीक होने पर उसको ठीक करने के लिए सड़क खोदी गई थी, लेकिन अभी तक चैंबर को ठीक नहीं किया जा सका। रविवार को बारिश होने पर गड्ढे में पानी भरने से रोकने के लिए जल निगम के कर्मचारियों ने पॉलीथिन जरूर बांध दी। निशात से बहादुरगंज पचराहा रोड पर गोला गोकर्णनाथ मंदिर के आगे खोदी हुई सड़क की मिट्टी गीली होने से कीचड़ की स्थिति बनी रही। बहादुरगंज में मिठाई की दुकान के पास ही कीचड़ होने पर लोगों को उसमें ही निकलना पड़ा। इस बीच वाहनों के पहिये और राहगीर फिसलते रहे।
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जलालाबाद में कई घंटे रहा जलभराव
जलालाबाद। दो दिन से रुक-रुककर हो रही बारिश से नगर की सडकों व गलियों में काफी कीचड़ पहले से ही थी। रविवार को ओलावृष्टि के साथ हुई तेज बारिश के पानी का बहाव पन्नी व गंदगी से अटी नाले नालियां से नहीं हो सका और यह गंदा तथा कीचड़युक्त पानी सड़कों पर बहता रहा। भगवान परशुराम की जन्मस्थली को जाने वाले रास्ते पर कई घंटे जलभराव रहा जिससे वहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को भारी दिक्कत हुई। इसके अलावा नौसारा, अम्बेडकरनगर, गांधीनगर, जमदग्निनगर आदि मोहल्लों में हुये जलभराव के चलते लोगों को आवागमन में काफी दिक्कतें हुईं।
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शुरू कराया बजरी-मोरंग डालने का काम
शाहजहांपुर। बारिश के दौरान शहर की सड़कों का हाल खबर होने को लेकर अमर उजाला ने प्रमुखता से समस्या को उठाते हुए खबर प्रकाशित की। जिसका असर रविवार को देखने को मिला। जिस बहादुरगंज पचराहा से निशात रोड पर शनिवार को लोग कीचड़ होने के कारण गिरते-पड़ते रहे। वहां पर रविवार को जल निगम की ओर से फिसलन को कम करने और गड्ढों को भरने के लिए बजरी-मोरंग को डलवाया। इसके बाद उसको बराबर करवाया। जिससे लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। काफी राहत भी मिली। संवाद