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शाहजहांपुर: बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, धान की फसल को भारी नुकसान, किसानों की चिंता बढ़ी

Thu, 08 Oct 2026 12:24 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर

सार

शाहजहांपुर जिले में बुधवार रात से बृहस्पतिवार सुबह तक हुई करीब 35 मिलीमीटर बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। जलभराव के कारण सड़कों पर आवागमन बाधित हुआ। किसानों की धान की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है, जिससे उनकी चिंता बढ़ गई है। लगातार नमी से धान के दाने खराब होने और कटाई में देरी की आशंका है।
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बारिश से धान की फसल को हुआ नुकसान - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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शाहजहांपुर जिले में बुधवार रात से शुरू हुई बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। रात करीब आठ बजे से कई क्षेत्रों में बारिश शुरू हुई। शाहजहांपुर शहर में रात करीब नौ बजे बारिश हुई, कुछ देर रुकने के बाद मध्यरात्रि से फिर बारिश शुरू हो गई। बृहस्पतिवार पूर्वाह्न करीब 11 बजे तक बारिश का सिलसिला जारी रहा। इस दौरान करीब 35 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश से सड़कों और निचले इलाकों में जलभराव हो गया। लोगों को आवागमन में परेशानी हुई, वहीं कई बच्चे बारिश और जलभराव के कारण स्कूल नहीं पहुंच सके। बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान फसलों को हुआ है। 

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बारिश के साथ तेज हवा के कारण कई स्थानों पर बिजली के खंभे गिर गए। इससे बिजली आपूर्ति प्रभावित हो गई। ग्रामीण और शहर के कई इलाकों में रात से बिजली नहीं आने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। विद्युत निगम की टीमें आपूर्ति बहाल करने के लिए जुटी रहीं। कई जगह तार टूटने और खंभे गिरने से रास्तों पर भी परेशानी पैदा हुई।
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सबसे ज्यादा चिंता किसानों की बढ़ी है। पहले बाढ़ और इसके बाद लगातार तीन-चार दिन हुई बारिश से किसान धान की फसल में नुकसान झेल चुके हैं। खेतों में भरा पानी अब धीरे-धीरे सूखने लगा था और धान की फसल तैयार हो रही थी। किसान जल्द कटाई शुरू करने की तैयारी में थे, लेकिन बुधवार की बारिश ने उनकी चिंता फिर बढ़ा दी।

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शहर में जलभराव - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
धान की फसल प्रभावित 
खुदागंज समेत ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में खड़ी धान की फसल पर दोबारा बारिश की मार पड़ी है। लगातार नमी से तैयार धान के दाने खराब होने और फसल की कटाई में देरी की आशंका है। किसानों का कहना है कि फसल तैयार करने के लिए उन्होंने साहूकारों और व्यापारियों से कर्ज लेकर खाद, बीज और सिंचाई का इंतजाम किया था। अब बार-बार बारिश से फसल प्रभावित हुई तो लागत निकालना और कर्ज चुकाना मुश्किल हो जाएगा।

बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे रास्तों की स्थिति भी खराब हो गई है। कई जगह कीचड़ और जलभराव के कारण लोगों को निकलने में दिक्कत हुई। निचले इलाकों में पानी भरने से घरों और दुकानों तक पहुंचना मुश्किल हो गया। बेमौसम बारिश ने किसानों के साथ आम लोगों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। पहले की बारिश और बाढ़ से हुए नुकसान के बाद सामान्य हो रहा जनजीवन एक बार फिर प्रभावित हो गया है।
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