शाहजहांपुर। रेल कर्मियों की सतर्कता से शनिवार को चंडीगढ़ एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त होने से बच गई। डिब्रगढ़ एक्सप्रेस निकलने के बाद जब शाहजहांपुर-रोजा के बीच आईबीएस सिग्नल डाउन नहीं हुआ तो रोजा से ईएसएसम रामवीर और हेल्पर दिनेश पाल सिंह ट्रैक चेक करने पहुंचे तो वहां उन्होंने पटरी चटकी देखी। इसी बीच सामने से पूरी रफ्तार से चंडीगढ़ एक्सप्रेस आती दिखाई दी तो दोनों के होश उड़ गए। दोनों ने पटरी पर दौड़ लगाते हुए टॉर्च की रोशनी मारकर ट्रेन को रोका। ड्राइवर के इमरजेंसी ब्रेक लगाने पर भी ट्रेन बमुश्किल रेल फ्रैक्चर से दस मीटर की दूरी पर आकर रुकी। इसके बाद जॉगल बांधकर ट्रेनों को कॉशन पर गुजारा गया। इस दौरान ट्रेनें करीब डेढ़ घंटा तक की देरी से चलीं।
शनिवार सुबह 5:30 बजे डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस शाहजहांपुर स्टेशन से लखनऊ की ओर रवाना हुई। ट्रेन के किलोमीटर संख्या 1237/32/30 के पास से गुजरने के बाद आईबीएस सिग्नल डाउन नहीं हुआ। इस बीच शाहजहांपुर स्टेशन पर खड़ी चंडीगढ़ एक्सप्रेस को कॉशन देकर चला दिया गया। आईबीएस सिग्नल डाउन न होने पर रोजा से ईएसएम रामवीर और हेल्पर दिनेश पाल सिंह ट्रैक चेक करने पहुंचे तो उनकी नजर मोहम्मदी रोड के पास चटकी पटरी पर पड़ी, जिसे देख उनके होश उड़ गए। इसी बीच चंडीगढ़ एक्सप्रेस भी फुल स्पीड में शाहजहांपुर की ओर से आती दिखाई दी। दोनों रेल कर्मचारी टॉर्च लेकर ट्रेन की ओर इशारा करते हुए दौड़ पड़े। टॉर्च की रोशनी पर हाथ रख कर लाल सिग्नल का इशारा किया, जिसको देख ड्राइवर ने इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए। ट्रेन रेल फ्रैक्चर से मात्र 10 मीटर की दूरी पर आकर रुकी। इसके बाद रेल फ्रैक्चर होने की जानकारी कंट्रोल और पावर केबिन को दी गई तो रेलवे अधिकारियों में हड़कंप मच गया। कुछ ही देर में स्टेशन अधीक्षक समेत कई रेल अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। चटकी हुई पटरी के बीच जॉगल बांधने का काम किया गया। करीब 50 मिनट बाद चंडीगढ़ एक्सप्रेस को गुजारा गया। इसके बाद सभी ट्रेनें 30 किलोमीटर की स्पीड से निकाली गई।
स्टेशन पर खड़ी रही दून एक्सप्रेस, बालामऊ पैसेंजर को भी रोका गया
- शाहजहांपुर-रोजा के बीच रेल फ्रैक्चर होने पर पीछे से आ रही ट्रेनों को दूसरे स्टेशनों पर रोका गया। इस बीच दून एक्सप्रेस 30 मिनट तक शाहजहांपुर स्टेशन पर खड़ी रही। बालामऊ एक्सप्रेस और 5012 चंडीगढ़ एक्सप्रेस को आउटर पर रोका गया। किसान एक्सप्रेस और मोरध्वज एक्सप्रेस को बंथरा और उसके पीछे के स्टेशनों पर रोक दिया गया। रेल फ्रैक्चर ठीक होने के बाद ट्रेनों को आगे रवाना किया गया।
दिलावरनगर और परसाखेड़ा में हो चुका है रेल फ्रैक्चर
- शाहजहांपुर-रोजा के बीच में रेल फ्रैक्चर होने की घटना पहली नहीं है, कुछ दिन पहले ही बरेली के आगे परसाखेड़ा में रेल फ्रैक्चर हुआ था। जिस पर ट्रेनों को रोककर चटकी हुई पटरी के बीच में जॉगल बांधने के बाद निकाला गया। इसी तरह का एक मामला दिलावरनगर के पास भी हुआ था।
तापमान कम होने के कारण चटक रहीं पटरियां
- सर्दी में तापमान लगातार गिरने की वजह से रेल फ्रैक्चर होने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। रेल अधिकारियों के मुताबिक पटरी लोहे की होने की वजह से जल्दी ठंडी और गर्म हो जाती है, इसलिए सर्दी में पटरी सिकुड़ने और गर्मी में फैलने की समस्या होती है। इसी वजह से रेल फ्रैक्चर हो जाते हैं, जो कि कभी-कभी हादसे का कारण भी बनते हैं।
चंडीगढ़ एक्सप्रेस को रोकने वाले रेल कर्मी होंगे पुरस्कृत
- रेल फ्रैक्चर होने के बाद उसी ट्रैक पर आ रही चंडीगढ़ एक्सप्रेस को रोकने के लिए अपनी जान की परवाह किए बगैर ट्रेन के सामने दौड़कर लाल सिग्नल देकर रोकने वाले कर्मचारियों को पुरस्कृत किया जाएगा। एडीआरएम मानसिंह मीणा ने ईएसएम रामवीर और हेल्पर दिनेश पाल सिंह को पुरस्कृत करने की घोषणा की है। जिससे उनका हौसला बढ़ाया जा सके।
- आईबीएस सिस्टम फेल होने के कारण सुबह 5.18 बजे शाहजहांपुर-रोजा के बीच रेल फ्रैक्चर हो गया था। चटकी पटरी के बीच में जॉगल बांधकर ट्रेनों को रवाना किया गया। सर्दी में तापमान गिरने की वजह से रेल फैक्चर की घटनाएं बढ़ जाती है, जिसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। - मनोज कुमार, स्टेशन अधीक्षक शाहजहांपुर।