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एडीआरएम के तबादले से रुकी मारूती स्पेशल के डिरेलमेंट की जांच

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रोजा (शाहजहांपुर)। मारुति स्पेशल के डिरेलमेंट की जांच एडीआरएम अश्वनी कुमार का तबादला होने की वजह से अटक गई है। तीन दिन पहले नए एडीआरएम मानसिंह मीणा के चार्ज संभाला है, लेकिन उन्हें पूरे मामले की जानकारी नहीं है इसलिए जांच पूरी होने में अभी और समय लग सकता है।
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रोजा में अटसलिया फाटक के पास 12 नवंबर को सुबह करीब साढ़े दस बजे मुरादाबाद से चलकर लखनऊ की ओर जा रही मारुति स्पेशल के चक्के पटरी से उतर गए थे। रेलवे कर्मचारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद रेल यातायात सुचारु किया था। एडीआरएम अश्वनी कुमार ने खुद घटना स्थल का निरीक्षण कर मामले की ज्वाइंट रिपोर्ट तैयार कराई थी। जिसमें प्रथम दृष्टया सीएंडडब्ल्यू को दोषी माना गया, जिसकी रिपोर्ट मुरादाबाद कार्यालय भेजी गई। इसके साथ ही पूरे मामले की जांच के लिए सीनियर सीएस टू दीपक मेहरा समेत ए ग्रेड अधिकारियों की तीन सदस्यीय टीम का गठन भी किया गया। जिसको अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट सात दिन के अंदर मुरादाबाद कार्यालय भेजनी थी, लेकिन 13 दिन बीतने के बाद जांच पूरी नहीं हो पाई है। इसकी वजह एडीआरएम अश्वनी कुमार का तबादला होना बताई जा रही है।
आलमबाग स्थित प्रशिक्षणशाला में खड़ी हैं पटरी से उतरने वाली बोगियां
- मारुति स्पेशल की तीन बोगियां पटरी से उतर गई थीं। जिनको खींचकर रोजा यार्ड में खड़ा करने के बाद चक्के बदलने का काम किया गया। चौथे दिन पूरी रैक को 40 किमी की स्पीड से लखनऊ आलमबाग स्थित प्रशिक्षणशाला में भेजा गया था। जहां पटरी से उतरने वाली बोगियों को काटकर बाकी मालगाड़ी को आगे भेज दिया गया। जोकि जांच के लिए अभी वहीं खड़ी हैं। बताया जाता है कि एक बोगी में किसी चीफ जस्टिस की कार भी है। जिसको जांच पूरी होने के बाद ही भेजा जा सकेगा।
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वर्जन ::::
- एडीआरएम अश्वनी कुमार का तबादला हो गया है, उनकी जगह पर मुझे चार्ज दिया गया है। मारुति स्पेशल के डिरेल होने की पूरी जानकारी नहीं है। अभी जांच चल रही है, जिसे जल्द पूरा कराया जाएगा। - मानसिंह मीणा, एडीआरएम मुरादाबाद मंडल।
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