शाहजहांपुर। रेलवे आवासों की स्थिति काफी खराब है। रेल कर्मचारी को सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं मिल रहा। इसको लेकर नरमू के पदाधिकारियों ने विरोध भी जताया था। हालांकि अब उन्हें रेलवे आवासों की मरम्मत कराने का आश्वासन मिला है।
शाहजहांपुर में रेलवे के करीब साढ़े चार सौ आवास हैं, इनमें 343 रेलकर्मी रह रहे हैं। इसी तरह रोजा में लगभग 500 रेल आवास हैं। दोनों ही स्थानों पर मौजूद रेलवे आवास किसी पुराने खंडहरों से कम नहीं लगते। रेल आवासों की छत टपकती है, तो दीवारें कमजोर हो चुकी हैं।
रेल आवासों के आसपास सफाई व्यवस्था का हाल भी बहुत खराब है। इसके कारण बड़ी-बड़ी झाड़ियां खड़ी हैं। कुछ रेल आवासों में जानवर भी पाले जा रहे हैं। इसके साथ ही कई आवासों में बाहरी लोगों का भी कब्जा है जोकि रेलवे के कर्मचारी भी नहीं हैं।
रेलवे आवासों में रहने वाले रेलकर्मियों की मानें तो सालों तक मरम्मत के नाम पर कुछ नहीं होता और किसी हादसे का इंतजार किया जाता है। जब लिंटर, दीवार गिरती है तब शिकायत करने पर खानापूरी कर दी जाती है। सफाई, पेयजल आदि की व्यवस्था भी सुनिश्चित नहीं है। मुख्य से लेकर कॉलोनी की भीतरी सड़कों का हाल खराब है। ज्यादातर सड़कें जर्जर हो चुकी हैं और उनकी मरम्मत व निर्माण नहीं करवाया जा रहा। हर बार बजट का रोना रोया जाता है।
रेलवे कॉलोनी की जर्जर छत। संवाद
रेलवे कॉलोनी की जर्जर छत। संवाद
रेलवे कॉलोनी की जर्जर छत। संवाद