कुर्रियाकलां। सर्वेश्वर सुखधाम पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा में व्यास संपत्ति कुमार त्रिपाठी ने भक्त प्रह्लाद का प्रसंग सुनाया। कहा कि अगर कोई प्रभु की भक्ति करना चाहता है तो वह विपरीत परिस्थितियों में भी कर सकता है।
कथा व्यास ने कहा कि प्रह्लाद राक्षस कुल में जन्म लेने के बाद भी प्रभु की भक्ति में लीन थे। पूरा परिवार, रिश्तेदार सभी विरोधी होने पर भी कोई कभी बाल बांका नहीं कर सका। ऐसे ही हम सबको ईश्वर पर विश्वास रखकर धर्म-कर्म करते हुए परिवार का ईमानदारी से भरण-पोषण करना चाहिए। किसी के साथ छल कपट नहीं करें।
उन्होंने कहा कि संसार में ऐसे रहें जैसे कमल पानी में रहकर फलता-फूलता है, डूबता नहीं है। ऐसे ही हमें भी प्रभु के सिवाय किसी में भी लीन होकर खुद को डुबाेना नहीं चाहिए। इस मौके पर सुखपाल सिंह, हरीमोहन मिश्र, पप्पू दीक्षित, रजनीश आदि मौजूद रहे।
पल्हौरा में भी शुरू हुई कथा
- गांव पल्हौरा के शिवमंदिर पर श्रीमद्भागवत कथा का प्रारंभ हो गया। अयोध्या से आए व्यास शैलेंद्र मिश्रा ने वेदी पूजन किया। व्यास ने कृष्ण की बाल लीला, माखन चोरी, पूतना वध, चीर हरण की कथा सुनाई। कथा विश्राम पर रामकिशोर शुक्ल ने आरती एवं प्रसाद वितरण करके कराया। पंकज, बृजेश, मुन्नालाल, शंभू शुक्ला आदि मौजूद रहे।
कुर्रिया कलां में कथा सुनाते व्यास संम्पति। संवाद