फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नए साल में मरीज और रेल यात्री रहेंगे खुश

Wed, 07 Jan 2015 11:58 PM IST
शाहजहांपुर।
विज्ञापन
विज्ञापन
 नए साल में प्रदेश सरकार ने जहां मरीजों को सहूलियत देने के लिए जिला अस्पताल का मेडिकल स्टोर ऑन लाइन कर दिया है, वहीं रेलवे भी यात्रियों की सुरक्षा के लिए प्लेटफार्म पर सीसी टीवी लगाने जा रहा है। इससे उनका सामान तो सुरक्षित रहेगा ही साथ ही अन्य घटनाओं पर भी अंकुश लग सकेगा।
विज्ञापन

अब सरकारी अस्पतालों में मरीजों और उनके तीमारदारों को जीवनरक्षक दवाओं का अभाव बताकर न तो टरकाया जा सकेगा और न ही उन्हें बाहर से दवाएं खरीदने को विवश किया जा सकेगा। शासन के निर्देश पर जिला संयुक्त अस्पताल का मेडिकल स्टोर ऑनलाइन कर दिए जाने से वहां के कर्मचारियों और जन सामान्य को काफी सहूलियत हो जाएगी। दवा वितरण व्यवस्था पारदर्शी होगी और अन्य अस्पतालों से दवाएं मंगाना भी सुगम होगा।
संक्रामक बीमारियां फैलने के दौरान जिला अस्पताल में अक्सर एंटीबायोटिक दवाओं की कमी बताकर मरीजों को डॉक्टर बाहर से दवाएं खरीदने को पर्चियां थमा देते थे। इसी तरह कुत्तों के काटने से परेशान भुक्तभोगी अस्पताल जाने पर उस वक्त काफी निराश हो जाते थे जब उन्हें एंटी रैबीज वैक्सीन (एआरवी) का स्टॉक निल बताकर लौटने को मजबूर कर दिया जाता था।
विज्ञापन

अब वीआईपी कोटे के लिए दुर्लभ दवाएं स्टोर के स्टॉक में छिपाना मुमकिन नहीं होगा। अस्पताल के मेडिकल स्टोर के दिन बहुरने की शुरुआत गत दिसंबर के पहले सप्ताह में हो गई। पहले चरण में स्टोर को फर्स्ट फ्लोर के एक छोटे कमरे से भूतल के हाल में शिफ्ट किया गया। इससे करीब 90 प्रकार की दवाएं रखने के लिए दो हजार वर्ग फुट जगह मिल गई जो पुराने स्टोर की तुलना में दस गुना अधिक है। इससे 90 प्रकार की दवाओं के भारी-भरकम पैकेट रखने में आसानी हो गई। दूसरे चरण में मेडिकल स्टोर को स्वास्थ्य निदेशक की वेबसाइट ‘डीजीहेल्थ.यूपी.एनआईसी.इन’ से जोड़कर ऑनलाइन कर दिया गया। इस वेबसाइट पर जाकर कोई भी व्यक्ति मालूम कर सकता है कि अस्पताल के स्टॉक में कौन-कौन सी दवाएं उपलब्ध हैं।
मेडिकल स्टोर ऑनलाइन होने के फायदे
वेबसाइट पर दवाएं चेक करने की सुविधा।
अन्य जिलों के अस्पतालों से बल्क स्टॉक का आदान-प्रदान आसान होगा।
दवाओं की ऑनलाइन डिमांड से सप्लाई में आएगी तेजी।
पेनलेस पेपरलेस वर्क से समय की होने लगी बचत।
अस्पताल की दवाओं को लेकर दूर होंगी कई भ्रांतियां।
स्टॉफ से अधिक जनता होगी लाभान्वित
‘मेडिकल स्टोर ऑनलाइन होेने से पहले प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने ट्रेनिंग सत्र में इस सुविधा के जरिए लोगों की सरकारी दवाओं से जुड़ी भ्रांतियां दूर करने पर जोर किया। वेबसाइट से लोग चेक कर सकेंगे कि स्टोर में कोई दवा छिपाई तो नहीं गई है।’
डॉ. जयदीप बंसल, मेडिकल स्टोर, जिला अस्पताल
दवाओं के ट्रांसपोर्टेशन में होगी आसानी
‘अस्पताल का मेडिकल स्टोर ग्राउंड फ्लोर के हाल में शिफ्ट होने से दवाओं के लाने-ले जाने में आसानी हो जाएगी। अभी तक ट्रक अस्पताल के गेट पर खड़ा करके दवाओं के बंडल अंदर लाए जाते थे। अब स्टोर के सामने बड़ा गेट लगाने की तैयारी है जिससे कि दवाओें वाले वाहन अंदर लाए जा सकें।’
-डॉ. एयूपी सिन्हा, स्टोर इंचार्ज, जिला अस्पताल
तीसरी आंख की नजर में रहेगा रेलवे स्टेशन
शाहजहांपुर। शहर के ‘ए’ ग्रेड रेलवे स्टेशन पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिससे स्टेशन का चप्पा-चप्पा तीसरी आंख की नजर में रहेगा। इससे यात्रियों को रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा बढ़ जाएगी।
इस समय रेलवे स्टेशन के टिन शेड बदलने का काम चल रहा है। साथ ही स्टेशन की साफ-सफाई भी बेहतर ढंग से कराई जा रही है। अब रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना है। इसके लिए बुधवार को आरपीएफ इंस्पेक्टर एसपी सिंह और सीनियर सेक्शन इंजीनियर टेली कम्युनिकेशन आरएन त्रिवेदी ने संयुक्त रूप से रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करके कैमरे लगाने के लिए उपयुक्त स्थानों की तलाश की। इसके बाद 25 स्थानों पर फिक्सड और चार स्थानों पर घूमने वाले कैमरों को लगाया जाना तय हुआ। दोनों अधिकारियों ने इसकी संयुक्त रिपोर्ट बनाकर मंडल रेल प्रबंधक को भेज दी है। वहां से अनुमति मिलते ही इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा।

इन स्थानों पर लगेंगे कैमरे
स्टेशन पर प्लेटफार्म दो एवं तीन पर 12, प्लेटफार्म एक पर छह, प्लेटफार्म चार एवं पांच पर दो, बुकिंग एरिया, अपयार्ड एवं डाउनयार्ड में दो-दो, रेलवे परिसर, पार्सल आफिस, सेकेंड क्लास विश्रामालय, मालगोदाम, कंट्रोलरूम में एक-एक सीसीटीवी कैमरा लगाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें