शाहजहांपुर की चौक कोतवाली क्षेत्र की कांट रोड पर स्थित गार्डन स्टेट स्थित शराब कंपनी के जीएम के दफ्तर से एक करोड़ 19 लाख रुपये चोरी करने के लिए आरोपी राहुल मिश्रा ने पूरी प्लानिंग की थी। कर्मचारियों के खाने में नशीला पदार्थ मिलाने के साथ ही कैश चोरी करने के बाद भागने के लिए कार भी किराए पर ली थी। पुलिस सूत्र बताते हैं कि वह कार से दिल्ली बार्डर तक गया है। वहीं दूसरी तरफ पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 24 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है।
राजू चड्ढा की शराब की दुकानों का आफिस कांट रोड पर स्टेट गार्डन में बना है। पुवायां का राहुल मिश्रा सिटी इंचार्ज के पद पर तैनात है। 15 अगस्त की रात साढ़े आठ बजे राहुल और उसका मौसेरा भाई दफ्तर में आए थे। वह साथ में खाना भी लेकर आए थे। इस बीच कलान इंचार्ज अमित यादव उर्फ पिंटू यादव व जलालाबाद इंचार्ज अभिजीत त्रिपाठी भी पहुंच गए। सभी ने खाना खाया। इस बीच अमित व अभिजीत अपने घर चले गए। आमतौर पर राहुल कभी दफ्तर में नहीं रुकता था, लेकिन उस दिन वह अपने साथी के साथ ठहर गया। पुलिस के मुताबिक, राहुल ने खाने में नशीला पदार्थ मिला दिया था। जबकि उसने अपना व मौसेरे भाई का खाना पहले ही निकाल लिया था। खाना खाने के बाद लखनऊ के थाना काकोरी के दुबग्गा बेगरिया रोड निवासी हेड कैशियर दिलीप जायसवाल, गार्ड महरुद, बहादुर लाल, मोहन भंडारी, जूती सिंह भंडारी गहरी नींद में बेसुध हो गए थे।
हेड कैशियर के कमरे का कुंडा तोड़कर घुसा राहुल
हेड कैशियर दिलीप जायसवाल खाना खाने के बाद अपने कमरे में चले गए। बैकों के अवकाश के चलते एक करोड़ से ऊपर का कैश होने के कारण कमरे में ताला डाल दिया। आधी रात के बाद जागे राहुल व उसके मौसेरे भाई ने कमरे के कुंडे को तोड़ दिया और अंदर प्रवेश कर गए। प्रदीप के तकिये के नीचे से चाबी निकालकर बैग उठाकर भाग गए।
किराये पर गाड़ी का किया था इंतजाम, दिल्ली बॉर्डर तक गए
राहुल मिश्रा ने नकदी उड़ाने के बाद भागने तक की प्लानिंग बना ली थी। उसने पहले ही ट्रैवल एजेंट से किराये पर गाड़ी मंगा ली थी। यह गाड़ी भी कर्मचारियों के बेसुध होने के बाद आई। सीसीटीवी कैमरे में गाड़ी नजर आने के बाद पुलिस ने नंबरों के आधार पर ट्रैवल एजेंट से संपर्क साधा। उससे पूछताछ करने के बाद चालक की लोकेशन ट्रेस की। पुलिस की टीमें गाड़ी के चालक द्वारा बताए गए साक्ष्यों की ओर दौड़ रही हैं। बताते हैं कि आरोपी दिल्ली बॉर्डर तक गाड़ी को लेकर गए थे। वहीं पुलिस की एक टीम नेपाल भी गई। सुराग यह भी लगे थे कि दोनों रुपये लेकर नेपाल भागे हैं।
राहुल के परिजन समेत 24 लोग हिरासत में लेकर पूछताछ की
एक करोड़ 19 लाख रुपये की चोरी के बाद पुलिस सक्रिय हो गई। पूरे मामले की कमान एसपी एस आनंद ने खुद संभाली। पहले दिन चार टीमों का गठन कर अलग-अलग रूटों पर दौड़ाई गईं। साक्ष्य सामने आने के बाद पुलिस ने दो टीमें और बनाकर रवाना किया। पुलिस ने राहुल के परिजन को हिरासत में ले लिया। उसके रिश्तेदारों को भी पूछताछ के लिए उठाया गया। पुलिस ने 24 लोगों से कई चरणों में पूछताछ की है। राहुल के परिवार की महिलाओं को पूछताछ के बाद घर भेज दिया गया।
मोबाइल को सर्विलांस पर लगाया
पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल सर्विलांस पर लगाए हैं। हालांकि, उनके फोन बंद हैं। इससे उनकी लोकेशन ट्रेस हो सके। उनके करीबियों के फोन पर भी पुलिस निगाह रख रही है। पुलिस टीमों ने दो दर्जन से अधिक लोगों से पूछताछ की है। उसी के आधार पर साक्ष्य सामने आए हैं। विश्वास है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
-एस. आनंद, एसपी