एएनएम ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण प्राप्त करतीं एएनएम
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लखीमपुर खीरी में एएनएम ट्रेनिंग सेंटर में आवासीय प्रशिक्षण ले रहीं एएनएम ने खाने को लेकर मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को उन्हें न दिन में खाना मिला और न ही रात में। ऐसे में कुछ लोगों के घरवाले उन्हें घर से खाना देकर गए तो कुछ लोगों ने रात में होटल से मंगाकर खाया। उधर, नोडल अधिकारी का कहना है कि प्रशिक्षण जरूर आवासीय है, लेकिन खाने का इंतजाम प्रशिक्षणार्थियों को स्वयं करना है।
जिले में कई साल बाद एएनएम की आवासीय ट्रेनिंग शुरू हुई है। पहला बैच 39 एएनएम का है। इनके लिए छात्रावास में रुकने की व्यवस्था की गई है। ट्रेनिंग 10 अगस्त से शुरू हुई। पहला दिन उद्घाटन में बीत गया और उसके बाद अवकाश पड़ गया। प्रशिक्षण के लिए आई एएनएम को मंगलवार को न तो सुबह चाय नाश्ता मिला और न ही दोपहर और रात का खाना। ऐसे में भूख से व्याकुल एएनएम ने इसकी सूचना अपने परिजन को दी। इस पर कुछ के घर से खाना आ गया तो कुछ ने रात में होटल से मंगवाकर खाया। इस संबंध में एएनएम ने जब नोडल अधिकारी डिप्टी सीएमओ डॉ. लालजी पासी से वार्ता की तो उन्होंने छात्रावास में रहने की सुविधा बताकर खाना दिए जाने से पल्ला झाड़ लिया।
आवासीय प्रशिक्षण में चाय नाश्ता और भोजन न मिलने से एएनएम में नाराजगी है। इनका कहना है कि आवासीय प्रशिक्षण के दौरान यदि भोजन देने का नियम नहीं है तो विभागीय लोगों को इसका इंतजाम करना चाहिए। जो एएनएम 10 से 15 किलोमीटर के दायरे में रहती हैं उनके तो घर से खाना आ जाता है, लेकिन हम लोगों का घर तो काफी दूर है खाना कहां से और किससे मंगाए।
आवासीय प्रशिक्षण में सिर्फ रहने की व्यवस्था विभाग की ओर से की गई है। न कि चाय नाश्ते और भोजन की। इसका इंतजाम प्रशिक्षणार्थियों को स्वयं करना होगा। चाय नाश्ता एवं भोजन के लिए सरकार से कोई बजट नहीं मिला है। यदि वह खाना बनाना चाहें तो बर्तन आदि उपलब्ध करवा दिए जाएंगे।
-डॉ. लालजी पासी, डिप्टी सीएमओ एवं नोडल एएनएम प्रशिक्षण