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रफ्तार ने बुझा दिया राजीव और काजल के घर का इकलौता चिराग

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नेशनल हाईवे पर पड़ी कार को उठाती क्रेन - फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। मीरानपुर कटरा में हुलासनगरा रेलवे क्रॉसिंग के पास कार की तेज रफ्तार ने व्यापारी नेता राजीव खन्ना और समाजसेवी काजल खन्ना के घर का दीपक बुझा दिया। बेटे ऋषभ की मौत से परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है। कार में सवार उसके तीन दोस्त गौरव सेठ, आदित्य खन्ना व दिव्यम गंभीर रूप से घायल हैं।
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एसएस कॉलेज में बीकॉम फाइनल ईयर के छात्र ऋषभ खन्ना के पिता राजीव खन्ना की चौक में सराफा की दुकान है। उनका इकलौता पुत्र ऋषभ खन्ना शुक्रवार सुबह आठ बजे कॉलेज जाने की बात कहकर घर से निकला था। बताते हैं कि सुबह 11 बजे बक्सरिया निवासी गौरव सेठ, आदित्य खन्ना, दिव्यम व ऋषभ खन्ना कार से बरेली जाने के लिए रवाना हुए थे। कार गौरव सेठ के चाचा वैभव सेठ की बताई जा रही है।
कार गौरव चला रहा था। दोपहर करीब 12 मीरानपुर कटरा थाना क्षेत्र में हुलासनगरा ओवरब्रिज से उतरते समय तेज रफ्तार कार डिवाइडर से टकराकर उछलकर दूसरी लेन पर जा गिरी। हादसे के बाद कार बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई और चारों युवक उसके अंदर फंस गए। थाना प्रभारी धर्मेंद्र गुप्ता ने ग्रामीणों की मदद से घायलों को बाहर निकाला। सभी को एंबुलेंस से बरेली के लिए भेजा। रास्ते में ऋषभ की मौत हो गई।
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इकलौते बेटे का शव देख बेहोश हुए माता-पिता
उद्योग व्यापार मंडल कंछल गुट की चौक इकाई के महामंत्री राजीव खन्ना और उनकी पत्नी काजल खन्ना सामाजिक कार्य के लिए भी जाने जाते हैं। काजल लायंस क्लब सहेली से भी जुड़ी हैं। उनकी एक बेटी रिया है। रिया गुरुग्राम की एक कंपनी में नौकरी करती है। बेटा ऋषभ भी बीकॉम फाइनल कर रहा था। वह एमबीए करना चाहता था। शुक्रवार दोपहर हादसे के बाद सभी के घायल होने की सूचना राजीव के पास पहुंची थी।
राजीव तुरंत बरेली के लिए निकल गए। जबकि उनकी पत्नी काजल खन्ना को बेटे की मौत की सूचना नहीं दी गई। वह अभिषेक सेठ के साथ बरेली पहुंची। इकलौते बेटे का शव देखकर काजल खन्ना और राजीव खन्ना बेहोश हो गए। व्यापारी नेता सुरेंद्र सेठ के मुताबिक, काजल की हालत इतनी खराब हो गई कि उनको अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। कई बार होश में आने के बाद बेटे को याद कर बेहोश हो गई। इसी तरह राजीव भी काफी सदमे में हैं।
एक साल पहले खरीदी गई थी कार
जिस कार में सवार होकर चारों बरेली जा रहे थे। वह एक साल पहले ही खरीदी गई थी। बताते हैं कि कार वैभव सेठ की है। इसे उनका भतीजा गौरव ले गया था। चर्चा है कि कार को ले जाने के बारे में परिजन को नहीं बताया गया था।
बेहतर इलाज के लिए मंत्री ने किया फोन
हादसे के बाद एंबुलेंस से घायलों को बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। सुचित सेठ ने बताया कि कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना को हादसे की जानकारी मिली तो उन्होंने बरेली के डीएम को बेहतर इलाज कराने के लिए निर्देशित किया है।
चारों में थी गहरी दोस्ती
गौरव सेठ के पिता की छोटा चौक में पूजा सामग्री की दुकान है। आदित्य खन्ना के पिता की सदर बाजार में कपड़े की दुकान है। इसी तरह दिव्यम के पिता भी व्यापारी हैं। चोरों दोस्त एसएस कॉलेज में साथ पढ़ते हैं। उनमें गहरी दोस्ती थी।

नेशनल हाईवे पर हादसे के बाद पलटी पड़ी कार । संवाद- फोटो : SHAHJAHANPUR

 

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