कांट। लिपुलेख-भिंड हाईवे के चौड़ीकरण में बाधक बने अवैध कब्जे हटाने के लिए लोक निर्माण विभाग ने अतिक्रमण करने वालों से सख्ती से निपटने की तैयारी कर ली है। इसके तहत पीडब्ल्यूडी ने हाईवे के किनारे अतिक्रमण के चिह्नित ठिकानों पर सोमवार को तीसरा नोटिस चस्पा करा दिया। नोटिस के जरिये आगामी दस सितंबर तक हाईवे के दोनों ओर 60-60 फुट जगह खाली करने के निर्देश दिए गए हैं।
नगर की सीमा में हाईवे के दोनों तरफ तमाम लोगों ने पक्की दुकानें और मकान बना रखे हैं। चूंकि, हाईवे का जलालाबाद के याकूबपुर तिराहा से लेकर बरेली मोड़ तक चौड़ीकरण होना है। इसलिए कस्बे में हाईवे के दोनों किनारों पर हुए अवैध कब्जों के कारण हाईवे की चौड़ाई बढ़ाने के लिए जगह नहीं मिल रही है। हालांकि, चौड़ीकरण का काम पिछले एक वर्ष से जारी है, लेकिन नगर और उसके आसपास यह काम अवैध कब्जों से रुका हुआ है।
अवैध कब्जे हटाने के लिए लोनिवि पहले भी दो बार अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी कर चुका है। अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान भी चले, लेकिन हर बार दुकानदारों के विरोध पर अवैध कब्जे हटाने का काम रोकना पड़ा। गत सप्ताह एडीएम अरविंद कुमार ने पिपरौला गांव के पास हाईवे के किनारे किए गए अवैध कब्जे दो दिन की मोहलत देकर हटवा दिए, लेकिन नगर में अतिक्रमण नहीं हट सका। इसीलिए इस बार लोनिवि ने अंतिम चेतावनी के तौर पर नोटिस चस्पा कराए हैं।
नोटिस लेने में कोई आनाकानी नहीं करे, इसीलिए उसे अतिक्रमण के करीब दो सौ ऐसे ठिकानों पर चस्पा कराया गया है, जहां कई माह पूर्व लाल निशान लगाए जा चुके हैं। नियत तारीख तक अवैध कब्जे नहीं हटने पर उन्हें जेसीबी से ध्वस्त कराने के साथ अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। साथ ही उनसे इस कार्रवाई पर व्यय होने वाली धनराशि भी वसूली जाएगी।
-महेंद्र नाथ, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग