शाहजहांपुर। सदर बाजार थाना क्षेत्र के मोहल्ला ताजूखेल निवासी पीडब्ल्यूडी ठेकेदार मोहित अवस्थी और ददरौल विधायक मानवेंद्र सिंह के पुत्र विमल के बीच हुए विवाद में पुलिस ने चुप्पी साध ली है। मोहित ने विमल पर टेंडर के विवाद को लेकर मारपीट और अपहरण करने का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी थी। मोहित ने अब विधायक और उनके पुत्रों से जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा मांगी है।
अधिवक्ता और पीडब्ल्यूडी ठेकेदार मोहित अवस्थी ने सदर थाने में तहरीर देकर बताया था कि चार फरवरी को ददरौल विधानसभा की अजीजपुर इटौरा संपर्क मार्ग और कुर्रिया कला-रामखेड़ा के निर्माण के लिए टेंडर डालने से विधायक मानवेंद्र, उनके पुत्र अरविंद और विमल रंजिश मानने लगे थे। चार फरवरी को शाम साढ़े सात बजे मुख्य डाकघर स्थित साइबर कैफे पर विमल ने उनके साथ मारपीट करते हुए कार में डालकर अपहरण कर लिया।
मोहित ने थाने में तहरीर भी दी लेकिन सत्ता पक्ष के विधायक के पुत्र से जुड़ा मामला होने के कारण पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने पर मोहित ने एडीजी से मुलाकात कर प्रार्थना पत्र दिया। उन्होंने बताया कि छह फरवरी को एसपी से मिलकर पूरी जानकारी दी थी। 10 फरवरी को फिर से एसपी से मिले, लेकिन अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। उन्होंने रिपोर्ट दर्ज कराने व सुरक्षा दिलाने की मांग की है। विधायक ने इसे विरोधियों की शह पर छवि खराब करने के लिए रची जा रही साजिश बताया।
- ठेकेदार की तहरीर पर संज्ञान लिया गया। मामले की विवेचना सीओ सिटी अखंड प्रताप सिंह को सौंपी गई है। नियम के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। - एस.आनंद, एसपी