त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन के तहत जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत समिति के वार्डों के चुनाव की तरह ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य पद की चुनाव प्रक्रिया भी पुवायां तहसील से शुरू होगी। राज्य निर्वाचन आयोग से शनिवार को प्रधानी के चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद जिले के प्रशासनिक और निर्वाचन व्यवस्था से जुड़े अफसरों ने चुनाव तैयारी के मद्देनजर सारा ध्यान पुवायां तहसील पर फोकस कर दिया है क्योंकि वहां पहले चरण में 16 व 17 नवंबर को नामांकन प्रक्रिया पूरी कराई जानी है।
सूबे में मौजूदा प्रधानों का कार्यकाल खत्म होने और प्रधानी चुनाव की अधिसूचना जारी होने के साथ जिले के ग्रामीण अंचलों में नए सिरे से चुनावी बयार बहने लगी है। अगले कुछ दिनों में प्रशासन की चुनावी गतिविधियां तेज होने के साथ गांवों में माहौल गरमाना तय माना जा रहा है। जिले मे्रं परिसीमन के बाद उभरकर आईं 1077 ग्राम पंचायतों के प्रधानों और उनसे जुड़े 13071 ग्राम पंचायत सदस्यों का चुनाव चार चरणों में कराया जाएगा। इनके लिए चारों तहसीलों में 1436 मतदान केंद्र और 2709 पोलिंग बूथ बनाए जाएंगे। इन बूथों पर 1743929 मतदाता अपने पसंदीदा प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान करेंगे।
मतदान कराने को लागू होगा पुराना क्रम
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी पंचायत सरोज कुमार के अनुसार प्रधानी के चुनाव में मतदान का तहसील वार पुराना क्रम लागू रहेगा, अर्थात सबसे पहले पुवायां तहसील, उसके बाद सदर, फिर तिलहर और अंत में जलालाबाद तहसील में मतदान कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग से अधिसूचना जारी होने के बाद से जिले में चुनाव आचार संहिता प्रभावी हो गई है।
प्रधानों के अधिकार
सीज करने की तैयारी
जिला पंचायत राज अधिकारी चंद्रिका प्रसाद के अनुसार वर्तमान ग्राम प्रधानों का कार्यकाल पूरा हो जाने के कारण उनके अधिकार सीज करने की विभाग स्तर पर तैयारी कर ली गई है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में निदेशालय से समुचित आदेश प्राप्त होते ही यह प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।