निर्वाचन से संबंधित बीएलओ ड्यूटी और अन्य कार्यों का बकाया मानदेय नहीं दिए जाने से नाराज लोक शिक्षा प्रेरकों शनिवार को शासन-प्रशासन के खिलाफ सड़क पर उतर आए। उन्होंने आदर्श लोक शिक्षा प्रेरक संघ के बैनर तले कलक्ट्रेट में इकट्ठे होकर धरना- प्रदर्शन किया। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष सत्येंद्र यादव ने लोक शिक्षा प्रेरकों की उपेक्षा के लिए सरकार को दोषी ठहराया। कहा कि महंगाई को देखते हुए मानदेय में वृद्धि कर नियमित भुगतान सुनिश्चित कराया जाए।
इससे पहले, लोक शिक्षा प्रेरक कड़ाके की सर्दी से बेपरवाह होकर प्रदर्शन के लिए खिरनीबाग के जीआईसी ग्राउंड पर जमा हुए। वहां से जुलूस के रूप में नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। इस मौके पर जिलाध्यक्ष जनमेजय सिंह यादव ने कहा कि महंगाई के जमाने में सरकार केवल दो हजार रुपये मानदेय दे रही है। उपाध्यक्ष राजेश्वर यादव ने कहा कि लोक शिक्षा प्रेरक केवल 66 रुपये की दिहाड़ी पर सरकार के अहम कामों में भागीदारी निभा रहे हैं। जबकि केंद्र सरकार ने मनरेगा मजदूरी की दर 166 रुपये तय कर रखी है। सिटी मजिस्ट्रेट को मुख्यमंत्री के नाम दिए ज्ञापन में मानदेय में दस गुना वृद्धि किए जाने, पिछले नौ माह से बकाया मानदेेय का भुगतान जल्द कराने, लोक शिक्षा प्रेरकों के वार्षिक नवीनीकरण की अनिवार्यता खत्म किए जाने, मानदेय का भुगतान प्रतिमाह पहली तारीख को कराए जाने, लोक शिक्षा केंद्रों पर कुर्सी, दरी, साइकिल, फर्नीचर आदि संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की गई है। प्रदर्शन में श्रीचंद्र, राजेश मौर्य, सुधांशु गुप्ता, अनुज प्रताप, प्रमेंद्र यादव, आशीष शर्मा, अवधेश यादव आदि शामिल रहे।